जम्मू और कश्मीर

LAB और KDA ने जॉइंट मीटिंग की, टेरिटोरियल काउंसिल को खारिज किया

Ratna Netam
29 April 2026 4:27 PM IST
LAB और KDA ने जॉइंट मीटिंग की, टेरिटोरियल काउंसिल को खारिज किया
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Jammu.जम्मू: LAB और KDA ने हाल ही में एक संयुक्त बैठक आयोजित की, जिसमें केंद्र के लेजिस्लेटिव पावर और टेरिटोरियल काउंसिल से जुड़े विवादित मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि टेरिटोरियल काउंसिल द्वारा केंद्र के लेजिस्लेटिव पावर पर विचार करने का प्रस्ताव खारिज कर दिया गया है।
बैठक में दोनों पक्षों ने इस विषय पर विस्तार से चर्चा की कि स्थानीय प्रशासनिक निकायों और केंद्र के अधिकारों के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए। हालांकि, टेरिटोरियल काउंसिल की पहल को किसी भी कानूनी और संवैधानिक आधार पर स्वीकार नहीं किया गया।
LAB और KDA के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि यह निर्णय संविधान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार लिया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी क्षेत्रीय निकाय द्वारा केंद्र के विधायी अधिकारों को चुनौती देना संवैधानिक रूप से मान्य नहीं है।
बैठक में टेरिटोरियल काउंसिल के प्रतिनिधियों ने अपने प्रस्ताव की व्याख्या की और कहा कि उनका उद्देश्य स्थानीय प्रशासनिक अधिकारों को सशक्त बनाना था। हालांकि, दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर विवाद के बावजूद संवाद बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केंद्र और स्थानीय प्रशासन के बीच अधिकार और जिम्मेदारियों के संतुलन को लेकर अहम उदाहरण पेश करता है। प्रशासनिक निकायों की पहल हमेशा संवैधानिक ढांचे के भीतर ही स्वीकार्य होनी चाहिए।
बैठक में आगे चर्चा हुई कि भविष्य में ऐसे विवादों से बचने के लिए स्पष्ट नीति और संवाद प्रणाली विकसित की जाए। दोनों पक्षों ने सहमति जताई कि टेरिटोरियल काउंसिल और स्थानीय प्रशासन के बीच नियमित बैठक और वार्ता जरूरी है, ताकि किसी भी संवैधानिक मुद्दे पर विवाद से बचा जा सके।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह निर्णय प्रशासनिक और संवैधानिक स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण है। इससे यह संदेश गया कि केंद्र के लेजिस्लेटिव पावर और स्थानीय निकायों के अधिकारों में स्पष्ट अंतर बनाए रखना आवश्यक है।
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