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Kishtwar : डोडा और रियासी में बारिश के बाद मचैल-मिंधल यात्रा पर रोक

Kishtwar किश्तवाड़ : डोडा और रियासी जिलों में लगातार हो रही भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं के कारण प्रशासन ने श्री मचैल माता और श्री मिंधल माता की यात्रा पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। मौसम और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यह कदम सुरक्षा के मद्देनज़र उठाया गया है।
जानकारी के अनुसार, जून महीने के पहले चार दिनों में ही इन तीनों जिलों में चार स्थानों पर बादल फटने की घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इसके चलते मुख्य सड़क मार्गों पर फिसलन और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन ने यात्रियों और श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे फिलहाल इन इलाकों में यात्रा करने से बचें और केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही बाहर निकलें।
सुरक्षा एजेंसियों ने बताया कि भारी बारिश और बादल फटने की वजह से पहाड़ी मार्गों और छोटे गांवों में अचानक पानी आने की घटनाएं आम हो गई हैं। किश्तवाड़ जिले में पिछले चार दिनों में दो जगहों पर बादल फटने से सड़क मार्ग बाधित हुए और यातायात प्रभावित हुआ। डोडा और रियासी जिलों में भी भूस्खलन और जलभराव के कारण कई मार्गों पर आने-जाने में कठिनाई पेश आई।
जिलाधिकारियों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस टीमों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राहत और बचाव कार्यों के लिए आपदा प्रबंधन की टीमों को मौके पर तैयार रहने को कहा गया है। प्रशासन ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में नागरिक तुरंत नजदीकी प्रशासनिक केंद्र या हेल्पलाइन नंबर से संपर्क करें।
स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने प्रशासन के निर्णय को समय पर और आवश्यक बताया। उन्होंने कहा कि मचैल माता और मिंधल माता की यात्रा क्षेत्र की प्रसिद्ध धार्मिक यात्रा हैं, लेकिन इस समय सुरक्षा सर्वोपरि है। प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया और स्थानीय अधिसूचनाओं से अपडेट लेते रहें और यात्रा के लिए प्रशासनिक अनुमति के बिना प्रयास न करें।
मौसम विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि अगले कुछ दिनों तक किश्तवाड़, डोडा और रियासी जिलों में लगातार वर्षा की संभावना है। इसके साथ ही भूस्खलन और सड़क फिसलन की घटनाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। विभाग ने स्थानीय प्रशासन को अलर्ट रहने और नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन ने यह भी बताया कि यात्रा पर लगी रोक तब तक लागू रहेगी जब तक मौसम और भूस्खलन की स्थिति पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हो जाती। यह कदम लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उठाया गया है।





