जम्मू और कश्मीर

Kathua: स्वामी राम स्वरूप जी का गुरु-शिष्य परंपरा पर उद्बोधन

Admindelhi1
1 May 2026 9:56 AM IST
Kathua: स्वामी राम स्वरूप जी का गुरु-शिष्य परंपरा पर उद्बोधन
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कठुआ: वेद मंदिर योल में चल रहे 78 दिवसीय यज्ञ के दौरान स्वामी राम स्वरूप् जी ने प्रवचन देते हुए गुरु-शिष्य परंपरा और वैदिक ज्ञान की उत्पत्ति पर प्रकाश डाला।

उन्होंने बताया कि सृष्टि के आरंभ में परमात्मा ने चार ऋषियों अग्नि, वायु, आदित्य और अंगिरा के हृदय में चारों वेदों का ज्ञान प्रकट किया। बाद में ब्रह्मा ने इन ऋषियों से ज्ञान प्राप्त कर उसे विश्व में प्रसारित किया जिससे गुरु-शिष्य परंपरा की शुरुआत हुई। स्वामी जी ने कहा कि ज्ञान सदैव गुरु के माध्यम से ही प्राप्त होता है।

उन्होंने भगवान कृष्ण द्वारा अर्जुन को दिए गए उपदेश का उदाहरण देते हुए बताया कि सही मार्गदर्शन से ही सच्चा ज्ञान संभव है। उन्होंने आगे कहा कि वेदों के अनुसार एक ही परमात्मा की विभिन्न रूपों में उपासना की जाती है। सामवेद के ज्ञाता संगीत के माध्यम से ईश्वर की स्तुति करते हैं जबकि यज्ञ और वेदों के अभ्यास से मनुष्य सदाचारपूर्ण जीवन जीता है। अपने प्रवचन के अंत में स्वामी राम स्वरूप ने कहा कि सच्ची उपासना वेदों के अनुसार ही संभव है और परमात्मा अद्वितीय है जिसकी तुलना किसी से नहीं की जा सकती।

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