जम्मू और कश्मीर

NFSA में शामिल होने का विरोध, कश्मीरी पंडितों का सड़क पर प्रदर्शन

Ratna Netam
7 May 2026 5:54 PM IST
NFSA में शामिल होने का विरोध, कश्मीरी पंडितों का सड़क पर प्रदर्शन
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Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के कश्मीरी पंडितों ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) में शामिल होने के खिलाफ प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस के साथ हल्की झड़प हुई, लेकिन किसी बड़े नुकसान या चोट की खबर नहीं आई। प्रदर्शनकारियों ने NFSA योजना में अपने नाम दर्ज कराने के खिलाफ सुनवाई और समाधान की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि NFSA में शामिल होने से उनके आर्थिक और सामाजिक हित प्रभावित हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना स्थानीय कश्मीरी पंडितों की परंपरागत और सुरक्षित राशन आपूर्ति प्रणाली में बाधा डाल सकती है।
जम्मू पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। अधिकारियों ने कहा कि प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कुछ युवाओं ने हंगामा किया, जिसके कारण हल्की झड़प हुई। पुलिस ने भीड़ को समझाने और मामला शांत करने के लिए संवाद स्थापित किया और प्रदर्शनकारियों से अपील की कि वे सुरक्षा नियमों का पालन करें।
प्रदर्शन में शामिल लोगों ने अपने विचारों और मांगों को ज्ञापन के रूप में पुलिस और प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन में यह अनुरोध किया गया कि कश्मीरी पंडित समुदाय को NFSA योजना में शामिल करने से पहले उनकी राय और हितों का सम्मान किया जाए।
स्थानीय प्रशासन ने भी कहा कि NFSA का उद्देश्य सभी पात्र परिवारों को सुरक्षित और नियमित खाद्य आपूर्ति सुनिश्चित करना है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि कश्मीरी पंडितों की विशेष परिस्थितियों और जरूरतों को ध्यान में रखते हुए योजनाओं का संचालन किया जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह प्रदर्शन समाज में योजना के प्रति जागरूकता और सहभागिता की आवश्यकता को उजागर करता है। उनका कहना है कि प्रशासन को सभी समुदायों की चिंताओं को समझकर उचित नीति बनानी चाहिए, ताकि विरोध प्रदर्शन न हों और योजनाओं का उद्देश्य सही तरीके से पूरा हो।
प्रदर्शन के दौरान कई नागरिकों ने भी पुलिस और प्रशासन से अपील की कि संवाद और समझौते के जरिए विवाद को सुलझाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि भविष्य में सदस्यता प्रक्रिया और पंजीकरण में समुदाय के सुझावों को शामिल करने की कोशिश की जाएगी।
इस प्रदर्शन ने यह दिखाया कि NFSA जैसी सरकारी योजनाओं में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनकी चिंताओं का सम्मान करना कितना जरूरी है। कश्मीरी पंडितों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान को सुरक्षित रखना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने इस तरह के प्रदर्शन का सहारा लिया।
पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के बाद प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने और आगे बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही संपर्क और संवाद के माध्यम से समुदाय के सवालों का समाधान किया जाएगा।
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