जम्मू और कश्मीर

JU Law School ने छात्रों के लिए स्पेशल लेक्चर का आयोजन किया

Ratna Netam
8 May 2026 3:54 PM IST
JU Law School ने छात्रों के लिए स्पेशल लेक्चर का आयोजन किया
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Jammu.जम्मू: जयपुर विश्वविद्यालय (JU) के लॉ स्कूल ने हाल ही में स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट, 1963 पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया। यह कार्यक्रम लॉ स्कूल के छात्रों और शैक्षणिक समुदाय के लिए आयोजित किया गया था, ताकि वे इस महत्वपूर्ण कानून की प्रासंगिकता और व्यावहारिक उपयोगिता को बेहतर ढंग से समझ सकें।
स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट, 1963, भारतीय कानून के अंतर्गत संपत्ति और अनुबंधों से जुड़े मामलों में विशिष्ट राहत प्रदान करने के लिए बनाया गया था। इस एक्ट के तहत अदालतें अनुबंधों के पालन, संपत्ति की वसूली और अन्य विशिष्ट उपायों का आदेश दे सकती हैं। कार्यक्रम की शुरुआत विश्वविद्यालय के लॉ स्कूल के डीन द्वारा की गई, जिन्होंने छात्रों का स्वागत करते हुए कहा कि कानून केवल पाठ्यपुस्तक तक सीमित नहीं है। उन्होंने बताया कि व्यावहारिक उदाहरणों और केस स्टडी के माध्यम से कानून की गहन समझ विकसित करना आवश्यक है।
व्याख्यान में मुख्य वक्ता, सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता रहे, जिन्होंने स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महत्वपूर्ण धाराओं की व्याख्या की। उन्होंने इस एक्ट के तहत दी जाने वाली राहत की श्रेणियों पर विस्तार से चर्चा की, जैसे कि विशिष्ट प्रदर्शन, निषेधाज्ञा (injunctions), और संपत्ति के हस्तांतरण से संबंधित आदेश।
वक्ता ने कहा कि इस एक्ट का प्रमुख उद्देश्य अनुबंध और संपत्ति मामलों में न्यायसंगत और त्वरित राहत प्रदान करना है। उन्होंने छात्रों को बताया कि किस प्रकार अदालतें इस एक्ट के तहत आदेश जारी करती हैं और व्यावहारिक मामलों में इसका प्रयोग कैसे किया जाता है।
कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने भी अपनी जिज्ञासा व्यक्त की और कई प्रश्न पूछे। सवालों में विशेष रूप से यह देखा गया कि स्पेसिफिक रिलीफ एक्ट अन्य कानूनों जैसे कॉन्ट्रैक्ट एक्ट और प्रॉपर्टी कानून के साथ कैसे तालमेल रखता है। वक्ताओं ने छात्रों को स्पष्ट किया कि यह एक्ट भारतीय न्याय प्रणाली में अनुबंध और संपत्ति विवादों के समाधान में एक महत्वपूर्ण साधन है।
इसके अलावा, व्याख्यान में कुछ हालिया न्यायालयीन फैसलों का विश्लेषण भी प्रस्तुत किया गया। इसमें यह बताया गया कि अदालतों ने किस प्रकार इस एक्ट का प्रयोग करके त्वरित और न्यायसंगत राहत प्रदान की। छात्रों को केस स्टडी के माध्यम से कानून के व्यावहारिक अनुप्रयोग को समझने का अवसर मिला।
जाहिर है कि यह कार्यक्रम लॉ स्कूल के छात्रों के लिए बेहद लाभकारी रहा। उन्होंने न केवल कानून की तकनीकी समझ विकसित की, बल्कि व्यावहारिक दृष्टिकोण से भी इसे सीखने का अनुभव प्राप्त किया।
कार्यक्रम के समापन पर डीन ने सभी छात्रों और वक्ताओं का धन्यवाद किया और कहा कि ऐसे व्याख्यान छात्रों के पेशेवर विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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