जम्मू और कश्मीर

JKAACL का आयोजन बना आकर्षण का केंद्र

Ratna Netam
18 April 2026 6:22 PM IST
JKAACL का आयोजन बना आकर्षण का केंद्र
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Jammu.जम्मू: जम्मू और कश्मीर कला, संस्कृति और भाषा अकादमी (जेकेएएसीएल) की ओर से पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध कवयित्री Padma Sachdev को एक भावपूर्ण संगीतमय श्रद्धांजलि दी गई। इस कार्यक्रम में साहित्य, संगीत और सांस्कृतिक जगत से जुड़े अनेक कलाकारों, लेखकों और गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का आयोजन उनके साहित्यिक योगदान और डोगरी भाषा को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में उनकी भूमिका को याद करने के उद्देश्य से किया गया था। Jammu and Kashmir Academy of Art, Culture and Languages के अधिकारियों ने कहा कि पद्मा सचदेव का साहित्य केवल कविता तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने समाज की संवेदनाओं और संस्कृति को भी अपनी रचनाओं में गहराई से अभिव्यक्त किया।
सांस्कृतिक संध्या के दौरान कलाकारों ने उनके प्रसिद्ध काव्य और गीतों की संगीतमय प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा वातावरण भावुक हो गया। कई प्रस्तुतियों में उनकी रचनाओं को संगीत के साथ प्रस्तुत किया गया, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि Padma Sachdev ने डोगरी साहित्य को नई पहचान दी और भारतीय साहित्य को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्हें पद्मश्री सम्मान भी उनकी साहित्यिक उपलब्धियों के लिए दिया गया था।
Jammu and Kashmir Academy of Art, Culture and Languages के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस तरह के आयोजन नई पीढ़ी को साहित्य और संस्कृति से जोड़ने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पद्मा सचदेव की रचनाएं आज भी प्रासंगिक हैं और युवाओं को प्रेरित करती हैं।
कार्यक्रम में मौजूद साहित्यकारों ने उनके साथ अपने अनुभव साझा किए और उनकी सादगी, रचनात्मकता और साहित्य के प्रति समर्पण को याद किया। कई वक्ताओं ने कहा कि उनकी कविताएं आज भी समाज की भावनाओं को गहराई से व्यक्त करती हैं।
सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंत में मौन रखकर Padma Sachdev को श्रद्धांजलि दी गई और उनके योगदान को याद किया गया।
Jammu and Kashmir Academy of Art, Culture and Languages की यह पहल साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है, जो महान रचनाकारों की विरासत को जीवित रखने में सहायक है।
फिलहाल, यह संगीतमय श्रद्धांजलि कार्यक्रम भावनात्मक माहौल में संपन्न हुआ और उपस्थित सभी लोगों ने पद्मा सचदेव के साहित्यिक योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया।
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