- Home
- /
- राज्य
- /
- जम्मू और कश्मीर
- /
- J&K : कांग्रेस में...
J&K : कांग्रेस में अनुशासन कार्रवाई तेज, जांच समिति ने दौरा पूरा कर दिल्ली लौटने का निर्णय लिया

Jammu and Kashmir : जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस में अनुशासनहीनता के आरोपों को लेकर गठित अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति ने कश्मीर का तीन दिवसीय दौरा पूरा कर लिया है। समिति ने मंगलवार सुबह दिल्ली लौटने का निर्णय लिया। इस दौरान समिति ने दो दिनों तक श्रीनगर में वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में बैठक कर विस्तृत सुझाव और जानकारी एकत्र की।
सूत्रों के अनुसार, यह समिति 20 जून को श्रीनगर पहुंची थी और अपने दौरे के दौरान संगठन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की गहन समीक्षा की गई। समिति ने उन सभी पक्षों से बातचीत की जिन पर अनुशासनहीनता के आरोप लगे हैं, साथ ही प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों से भी चर्चा की गई।
जानकारी के मुताबिक, अनुशासनहीनता के आरोपों का सामना कर रहे पूर्व प्रदेश अध्यक्ष विकार रसूल और पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद पर कार्रवाई की संभावना को लेकर पार्टी स्तर पर गंभीर विचार चल रहा है। सूत्रों का कहना है कि इन मामलों में अनुशासनात्मक कार्रवाई लगभग तय मानी जा रही है, हालांकि अंतिम निर्णय पार्टी हाईकमान द्वारा लिया जाएगा।
समिति ने अपने दौरे के दौरान सभी संबंधित पक्षों से विस्तार से बातचीत की और संगठनात्मक स्थिति का आकलन किया। इसके बाद समिति ने अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर ली है, जिसे अब पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सौंपा जाएगा।
तीन सदस्यीय इस अनुशासनात्मक समिति की अध्यक्षता पार्टी के वरिष्ठ नेता शक्ति सिंह गोहिल कर रहे हैं। समिति में डॉ. अमर सिंह और रफीक खान अन्य सदस्य के रूप में शामिल हैं। इस टीम को जम्मू-कश्मीर में संगठन के भीतर अनुशासन से जुड़ी शिकायतों और आंतरिक मतभेदों की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से हाईकमान कड़ा संदेश देना चाहता है। माना जा रहा है कि अनुशासनहीनता के मामलों में सख्त कार्रवाई से संगठन के भीतर अनुशासन और एकजुटता को मजबूत करने की कोशिश की जाएगी।
सूत्रों का यह भी कहना है कि समिति ने अपने दौरे के दौरान सभी प्रमुख नेताओं से व्यक्तिगत और सामूहिक बातचीत की, ताकि संगठन के भीतर चल रही स्थिति को बेहतर तरीके से समझा जा सके। बंद कमरे की इन बैठकों में कई महत्वपूर्ण सुझाव भी सामने आए, जिन्हें रिपोर्ट में शामिल किया गया है।
अब इस रिपोर्ट के आधार पर कांग्रेस हाईकमान आगे की कार्रवाई तय करेगा। पार्टी के अंदर इस बात पर भी चर्चा है कि आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे में कुछ बड़े बदलाव किए जा सकते हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पार्टी के भीतर अनुशासन स्थापित करने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील राजनीतिक क्षेत्र में संगठनात्मक स्थिरता बनाए रखना कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
फिलहाल सभी की नजरें अब समिति की अंतिम रिपोर्ट और पार्टी हाईकमान के फैसले पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में आधिकारिक घोषणा की जा सकती है।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस में चल रही यह अनुशासनात्मक कार्रवाई पार्टी के भीतर गंभीर बदलावों का संकेत देती है और इससे संगठन की भविष्य की दिशा प्रभावित हो सकती है।





