जम्मू और कश्मीर

J&K : कैबिनेट ने आरक्षण नीति पर केंद्र के सवालों का जवाब मंज़ूर किया

Kavita2
25 Jun 2026 10:20 AM IST
J&K : कैबिनेट ने आरक्षण नीति पर केंद्र के सवालों का जवाब मंज़ूर किया
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Srinagar श्रीनगर : जम्मू-कश्मीर कैबिनेट ने आरक्षण नीति (रिज़र्वेशन पॉलिसी) में प्रस्तावित बदलावों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) द्वारा उठाए गए सवालों पर सरकार के जवाब को मंज़ूरी दे दी है। यह फैसला मंगलवार को मुख्यमंत्री Omar Abdullah की अध्यक्षता में सिविल सेक्रेटेरिएट में हुई काउंसिल ऑफ़ मिनिस्टर्स की बैठक में लिया गया।

बैठक में कई नीतिगत मुद्दों और प्रशासनिक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर में शासन व्यवस्था को मजबूत करना, विकास कार्यों को गति देना और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी को अधिक प्रभावी बनाना था। इन्हीं मुद्दों के बीच सबसे अहम विषय आरक्षण नीति में प्रस्तावित संशोधनों पर केंद्र सरकार की टिप्पणियों का जवाब भी रहा।

अधिकारियों ने बताया कि कैबिनेट ने सरकार द्वारा तैयार किए गए जवाब के ड्राफ्ट को अंतिम मंजूरी दे दी है। यह जवाब अब आगे की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। माना जा रहा है कि केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के बीच इस विषय पर आगे विचार-विमर्श की प्रक्रिया जारी रहेगी।

आरक्षण नीति से जुड़े इस मुद्दे को प्रशासनिक और सामाजिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधित्व और अवसरों पर प्रभाव पड़ता है। सरकार का दावा है कि प्रस्तावित बदलावों का उद्देश्य व्यवस्था को अधिक संतुलित और पारदर्शी बनाना है।

बैठक के दौरान यह भी चर्चा हुई कि विभिन्न विभागों में नीतिगत सुधारों की आवश्यकता है, ताकि प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके और आम जनता को मिलने वाली सेवाओं में सुधार हो सके। सरकार का फोकस डिजिटल गवर्नेंस, रोजगार सृजन और बुनियादी ढांचे के विकास पर भी रहा।

इसी बीच, ओपन मेरिट स्टूडेंट्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि साहिल पर्रे ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला से बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया है कि कैबिनेट ने केंद्र सरकार की टिप्पणियों पर जवाब को मंजूरी दे दी है और इसे अब आगे के विचार के लिए भेजा जाएगा।

इस घटनाक्रम के बाद छात्रों और विभिन्न सामाजिक समूहों में इस विषय को लेकर चर्चा तेज हो गई है। आरक्षण नीति में संभावित बदलावों को लेकर अलग-अलग राय सामने आ रही है, और कई संगठन इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए हैं।

सरकारी सूत्रों का कहना है कि केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन के बीच संवाद जारी रहेगा और अंतिम निर्णय दोनों पक्षों की सहमति और समीक्षा के बाद ही आगे बढ़ेगा। फिलहाल, कैबिनेट की मंजूरी के बाद यह मामला एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक चरण में पहुंच गया है।

कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर कैबिनेट द्वारा आरक्षण नीति पर केंद्र के सवालों का जवाब मंजूर करना शासन और नीति निर्माण की प्रक्रिया में एक अहम कदम माना जा रहा है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि केंद्र सरकार इस जवाब पर क्या रुख अपनाती है और आगे क्या निर्णय लिया जाता है।

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