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JDA ने अतिक्रमण तोड़ा, 2 स्थानों से जमीन रिकवर की

JAMMU.जम्मू: जम्मू विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने हाल ही में अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत दो जगहों से कुल 8 कनाल जमीन कब्जाधारियों से वापस ली। यह कार्रवाई जेडीए की अतिक्रमण हटाने और सरकारी जमीन को सुरक्षित करने की लगातार चल रही पहल का हिस्सा है।
अधिकारियों ने बताया कि अभियान का उद्देश्य शहर में अवैध कब्जे और अतिक्रमण पर कड़ी कार्रवाई करना है। जेडीए की टीम ने पहले से निर्धारित योजना के अनुसार दोनों क्षेत्रों का निरीक्षण किया और पाए गए अतिक्रमण हटाने के आदेश को लागू किया। अभियान के दौरान कब्जाधारियों को जमीन खाली करने के लिए समय दिया गया, और जो लोग सहयोग नहीं कर रहे थे, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई।
जेडीए अधिकारियों ने कहा कि इस अभियान से शहर में जमीन का गैरकानूनी कब्जा कम करने में मदद मिलेगी और सरकारी जमीन को सही तरीके से विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने आगे कहा कि ऐसे अभियान समय-समय पर चलाए जाएंगे ताकि किसी भी व्यक्ति या संस्था द्वारा सरकारी जमीन पर अनधिकृत कब्जा न किया जा सके।
जेडीए की टीम ने बताया कि अतिक्रमण हटाने के दौरान सुरक्षा अधिकारियों की भी मौजूदगी रही, ताकि अभियान सुरक्षित और प्रभावी ढंग से पूरा किया जा सके। इस अभियान में दोनों क्षेत्रों से कुल 8 कनाल जमीन मुक्त हुई, जिसे अब जेडीए के विकास कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्थानीय नागरिकों ने इस कार्रवाई का स्वागत किया और कहा कि इससे शहर में अतिक्रमण रोकने में मदद मिलेगी। कई लोगों ने उम्मीद जताई कि जेडीए नियमित अंतराल पर ऐसे अभियान जारी रखेगा, ताकि अवैध कब्जाधारियों को चेतावनी मिले और शहर का नक्शा व्यवस्थित रहे।
जेडीए ने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल दो क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य में और भी जगहों पर अतिक्रमण हटाने के लिए इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
जेडीए के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर में विकास योजनाओं के लिए जमीन को सुरक्षित करना और नागरिकों के लिए बेहतर सुविधाएं सुनिश्चित करना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या अतिक्रमण का पता चले, तो तुरंत प्राधिकरण को सूचित करें।
इस अभियान ने यह साबित किया कि प्रशासन सक्रिय और सतर्क है और सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठा रहा है। जेडीए के अतिक्रमण विरोधी अभियान ने न केवल अवैध कब्जाधारियों को चेतावनी दी, बल्कि आम जनता में यह संदेश भी दिया कि सरकारी जमीन की रक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है।





