जम्मू और कश्मीर

Javid Dar ने मनरेगा सिंचाई कार्यों की समीक्षा की

Ratna Netam
7 April 2026 6:11 PM IST
Javid Dar ने मनरेगा सिंचाई कार्यों की समीक्षा की
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JAMMU.जम्मू: जम्मू-कश्मीर के वरिष्ठ अधिकारी जाविद डार ने मनरेगा योजना के तहत सिंचाई खुल्स और माइक्रो सिंचाई कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन और कृषि विकास को प्रभावी बनाने के लिए किए जा रहे प्रयासों का मूल्यांकन करना था। जाविद डार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी परियोजनाओं को समय पर और गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि सिंचाई खुल्स और माइक्रो सिंचाई योजनाओं का प्रभाव सीधे किसानों की फसलों की पैदावार और ग्रामीण विकास पर पड़ता है। इसलिए, इन कार्यों में कोई भी देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिकारियों ने प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति, लागत, तकनीकी चुनौतियाँ और कार्य पूरा होने की समयसीमा पर रिपोर्ट प्रस्तुत की। जाविद डार ने कहा कि मनरेगा योजना का मूल उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ाना और जल संरक्षण सुनिश्चित करना है। इसलिए, सभी कार्यों को पारदर्शी और प्रभावी ढंग से लागू किया जाना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि स्थानीय समुदायों और किसानों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए ताकि परियोजनाओं की सफलता और स्थायित्व बढ़ सके। उन्होंने जोर दिया कि माइक्रो सिंचाई प्रणाली किसानों को कम पानी में अधिक उत्पादन देने में मदद करेगी और जल संकट को कम करेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मनरेगा योजना के तहत सिंचाई और जल प्रबंधन परियोजनाएँ ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। जाविद डार की समीक्षा यह सुनिश्चित करने का प्रयास है कि परियोजनाएँ समय पर पूरी हों और उनकी गुणवत्ता उच्च स्तर की हो।
बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे कार्य की नियमित निगरानी करें और किसी भी अड़चन को तुरंत दूर करें। जाविद डार ने यह भी कहा कि सफल परियोजनाएँ अन्य क्षेत्रों के लिए मॉडल बन सकती हैं और इससे किसानों में मनरेगा योजनाओं के प्रति विश्वास बढ़ेगा।
संक्षेप में, जाविद डार ने मनरेगा के तहत सिंचाई खुल्स और माइक्रो सिंचाई कार्यों की समीक्षा की। बैठक में समयबद्धता, गुणवत्ता, किसानों की भागीदारी और जल प्रबंधन के महत्व पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे परियोजनाओं को पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करें, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास और रोजगार के अवसर सुनिश्चित हों।
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