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Jammu: यूजीसी बिल पर युवा राजपूतों का तीखा प्रतिरोध

जम्मू: युवा राजपूत सभा (वाईआरएस) ने हाल ही में पेश किए गए यूजीसी इक्विटी प्रमोशन बिल की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे प्रतिगामी और गंभीर चिंता का विषय बताया है। संगठन का कहना है कि यह बिल उच्च शिक्षा में सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए मेरिट, समानता और निष्पक्ष अवसरों के मूल सिद्धांतों को कमजोर करता है। वाईआरएस के अध्यक्ष मंदीप सिंह चिब ने बिल पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि इस तरह के एकतरफा प्रावधान शिक्षा व्यवस्था में संतुलन और समावेशिता की दिशा में अब तक हुई प्रगति को पीछे धकेल सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बिल न केवल मेरिट आधारित व्यवस्था को प्रभावित करेगा, बल्कि सामान्य वर्ग के छात्रों के साथ अन्याय भी है।
युवा राजपूत सभा का मानना है कि यह विधेयक शैक्षणिक मानकों को कमजोर कर सकता है और इसका दीर्घकालिक असर छात्रों एवं शिक्षण संस्थानों दोनों के हितों के खिलाफ जा सकता है। संगठन ने स्पष्ट किया कि वास्तविक सामाजिक न्याय तभी संभव है जब नीतियां पारदर्शी, मेरिट आधारित हों और सभी हितधारकों के साथ सार्थक संवाद किया जाए। वाईआरएस के पूर्व अध्यक्ष राजन सिंह ने ऐलान किया कि इस बिल के विरोध में आगामी शुक्रवार को तवी पुल जाम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया तो विरोध को और तेज किया जाएगा।
युवा राजपूत सभा ने सरकार से मांग की है कि यूजीसी इक्विटी प्रमोशन बिल को तत्काल वापस लिया जाए और शिक्षाविदों, विद्यार्थियों तथा सामाजिक संगठनों के साथ व्यापक और समावेशी विचार-विमर्श शुरू किया जाए। संगठन ने शिक्षा प्रणाली में मेरिट, समानता और निष्पक्षता की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।





