जम्मू और कश्मीर

JAMMU: वर्कर्स ने आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी

Ratna Netam
6 April 2026 6:41 PM IST
JAMMU: वर्कर्स ने आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी दी
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JAMMU.जम्मू: जम्मू क्षेत्र की आंगनवाड़ी वर्कर्स ने हाल ही में पोषण ट्रैकर ऐप के बॉयकॉट करने का ऐलान किया है। उनका कहना है कि ऐप में तकनीकी समस्याओं के साथ-साथ डेटा गोपनीयता और उपयोग में कठिनाइयाँ हैं, जो उनके कामकाज को प्रभावित कर रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द समाधान नहीं निकाला, तो वे आंदोलन और प्रदर्शन को और तेज कर सकती हैं।
आंगनवाड़ी वर्कर्स का कहना है कि पोषण ट्रैकर ऐप को लागू करने के बाद कई बार तकनीकी गड़बड़ियों और डाटा अपलोडिंग समस्याओं का सामना करना पड़ा है। इससे बच्चों और महिलाओं की पोषण संबंधी जानकारी सही ढंग से दर्ज नहीं हो पा रही है। वर्कर्स ने कहा कि इस स्थिति में उनके काम की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है और वास्तविक डेटा संकलन में कठिनाई हो रही है।
वर्कर्स ने सरकार से अपील की है कि ऐप की कार्यप्रणाली में सुधार किया जाए और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाए। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य बच्चों और माताओं की पोषण सेवा को बेहतर बनाना है, लेकिन वर्तमान तकनीकी समस्याओं और गोपनीयता मुद्दों के कारण हमारा काम प्रभावित हो रहा है।”
स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, ऐप के संचालन और डेटा सुरक्षा की समीक्षा चल रही है। अधिकारियों ने कहा कि वर्कर्स की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके अलावा, जल्द ही वर्कर्स और तकनीकी टीम के बीच बैठक आयोजित करने की संभावना है, ताकि समस्याओं का त्वरित समाधान निकाला जा सके।
आंगनवाड़ी वर्कर्स ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर त्वरित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे पूरे जिले में पोषण ट्रैकर ऐप का बहिष्कार करेंगे। उनका कहना है कि वे बच्चों और महिलाओं की भलाई के लिए काम करने के इच्छुक हैं, लेकिन इस तकनीकी प्रणाली के चलते उनका काम बाधित हो रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म को लागू करने में तकनीकी और उपयोगकर्ता प्रशिक्षण दोनों जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर्स के अनुभव और फीडबैक को ध्यान में रखकर ऐप में सुधार किया जाना चाहिए ताकि बच्चों और माताओं की पोषण सेवाओं में कोई कमी न आए।
स्थानीय माता-पिता और नागरिक इस मामले को गंभीरता से देख रहे हैं। उन्होंने वर्कर्स के समर्थन में कहा कि सरकार को उनकी शिकायतों पर ध्यान देना चाहिए और सुनिश्चित करना चाहिए कि पोषण सेवाओं का संचालन सुचारू और पारदर्शी तरीके से हो।
इस प्रकार, जम्मू में आंगनवाड़ी वर्कर्स द्वारा पोषण ट्रैकर ऐप का बॉयकॉट करने की घोषणा ने स्थानीय प्रशासन और सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश दिया है। यह पहल तकनीकी सुधार, डेटा गोपनीयता और सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।
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