जम्मू और कश्मीर

Jammu: राजनीतिक दलों की असत्यापित दलीलों से बचने की चेतावनी

Ratna Netam
21 April 2026 5:53 PM IST
Jammu: राजनीतिक दलों की असत्यापित दलीलों से बचने की चेतावनी
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Himachal Pradesh.हिमाचल प्रदेश: समाजवादी नेता कर्रा ने हाल ही में महिला अधिकारों और सुरक्षा से जुड़े बिल को लेकर बीजेपी की चालों के खिलाफ लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि यह बिल महिलाओं के अधिकारों और समानता के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन बीजेपी ने इसे लेकर भ्रामक और धोखेबाज़ी भरी दलीलें पेश की हैं।
कर्रा ने सभा में कहा, "महिला बिल का उद्देश्य महिलाओं को सुरक्षा, सम्मान और समान अवसर प्रदान करना है। इसे राजनीतिक खेल का हिस्सा बनाने से महिलाएं हानि उठा सकती हैं। हमें सावधान रहना होगा और जनता को जागरूक करना होगा।"
उन्होंने आगे कहा कि जनता को किसी भी राजनीतिक दल के असत्यापित दावों और प्रचार से प्रभावित नहीं होना चाहिए। कर्रा ने जोर देकर कहा कि महिला सुरक्षा और अधिकारों की राजनीतिकरण न की जाए, और बिल के उद्देश्य को समझकर ही निर्णय लिया जाना चाहिए।
कर्रा ने मीडिया से बातचीत में कहा, "महिलाओं के अधिकार केवल कानून के तहत ही सुरक्षित रह सकते हैं। अगर राजनीतिक दल इसे अपने चुनावी लाभ के लिए तोड़-मरोड़ कर पेश करेंगे तो इसका सीधा असर समाज की महिलाओं पर पड़ेगा।"
इस अवसर पर उन्होंने लोकतंत्र, संवैधानिक अधिकार और महिला सशक्तिकरण की आवश्यकता पर भी प्रकाश डाला। उनका कहना था कि नागरिकों को सक्रिय और सतर्क रहकर बिल की गहन समीक्षा करनी चाहिए ताकि किसी भी तरह की अनावश्यक और हानिकारक राजनीति को रोका जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि कर्रा का यह कदम महिला अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता और राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इस तरह के वक्तव्य जनता को सोच-समझकर निर्णय लेने के लिए प्रेरित करते हैं और सुरक्षित, समान और न्यायसंगत समाज की दिशा में योगदान करते हैं।
कर्रा ने पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता से अपील की कि वे महिला बिल की मूल बातें समझें और किसी भी भ्रम या भ्रांतिपूर्ण प्रचार में न फँसे। उन्होंने कहा कि यह समय सक्रिय लोकतांत्रिक भागीदारी और महिला अधिकारों की रक्षा का है।
कुल मिलाकर, कर्रा का यह आगाह महिला अधिकारों और सुरक्षा के संवैधानिक महत्व को उजागर करने, और राजनीतिक दलों द्वारा किए जाने वाले धोखेबाज़ी भरे प्रचार से जनता को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे जनता को जागरूक किया जा सकता है और बिल के मूल उद्देश्यों की रक्षा सुनिश्चित की जा सकती है।
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