जम्मू और कश्मीर

Jammu: गंदेरबल मुठभेड़ पर सदन में हंगामा

Ratna Netam
5 April 2026 4:19 PM IST
Jammu.जम्मू: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हाल ही में हुई गंदेरबल मुठभेड़ को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। सदन में विपक्ष और सरकार के प्रतिनिधियों के बीच जमकर बहस हुई, जिससे कई बार कार्यवाही रोकनी पड़ी। सूत्रों के अनुसार, विपक्षी विधायकों ने मुठभेड़ में हुई घटनाओं और नागरिकों पर पड़ने वाले प्रभाव को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने सरकार से मांग की कि वे मामले की पूरी जानकारी और कार्रवाई की स्थिति सदन में स्पष्ट करें। विपक्ष ने कहा कि मुठभेड़ के दौरान नागरिकों और स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठाए जाने चाहिए।
सरकार के पक्ष से जवाब देते हुए अधिकारियों और कुछ विधायक ने कहा कि सुरक्षा बलों ने आवश्यक कार्रवाई की और यह मुठभेड़ आतंकियों की सक्रियता को नियंत्रित करने के लिए की गई थी। उन्होंने सदन में बताया कि सभी प्रक्रियाओं को कानूनी ढांचे और सुरक्षा मानकों के अनुसार पूरा किया गया।
हालांकि, विपक्ष ने इस जवाब से संतुष्टि नहीं जताई और सदन में जोरदार हंगामा शुरू हो गया। कुछ विधायकों ने सरकार पर जिम्मेदारी से काम न करने और जनता की सुरक्षा को गंभीरता से न लेने के आरोप लगाए। हंगामा इतना बढ़ गया कि अध्यक्ष को कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
विशेषज्ञों का कहना है कि विधानसभा में ऐसे हंगामे आम हैं, खासकर जब सुरक्षा और स्थानीय लोगों के जीवन पर असर डालने वाले मुद्दे सामने आते हैं। उन्होंने बताया कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है और इसे संभालने का तरीका प्रशासन की राजनीतिक और सामाजिक समझ पर निर्भर करता है।
सदन में हंगामे के दौरान कई बार विपक्ष और सरकार के बीच व्यक्तिगत बहस भी हुई। सदस्यों ने माइक पकड़कर अपनी बातें रखीं और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए। अध्यक्ष ने सदन को शांत कराने की कई कोशिशें की और कहा कि मुद्दे को गंभीरता और शांति के साथ सुलझाना आवश्यक है।
स्थानीय नागरिकों और समाजिक संगठनों ने भी मुठभेड़ की जानकारी साझा की और घटनाओं पर अपनी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए प्रशासन को पारदर्शी और समय पर जानकारी देना जरूरी है।
कुल मिलाकर, जम्मू-कश्मीर विधानसभा में गंदेरबल मुठभेड़ को लेकर हंगामा सुरक्षा, नागरिक सुरक्षा और प्रशासन की भूमिका पर बहस का केंद्र बना। विपक्ष और सरकार के बीच जारी बहस ने यह दिखाया कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में विवाद और संवाद दोनों का महत्व है।
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