जम्मू और कश्मीर

Jammu: केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की सलाह दी

Ratna Netam
1 May 2026 6:14 PM IST
Jammu: केंद्रीय मंत्री ने छात्रों को सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की सलाह दी
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Jammu.जम्मू: हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम में छात्रों से अपील की कि वे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक मूल्यों से जुड़े रहें। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी का यह कर्तव्य है कि वह अपनी सांस्कृतिक जड़ों और इतिहास को जानें और उसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
मंत्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “भारत की संस्कृति और परंपराएं हमारी पहचान हैं। चाहे यह कला, संगीत, नृत्य, भाषा या त्योहार हों, हमारी सांस्कृतिक विरासत को समझना और उसका सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है। छात्रों को इस विरासत को जानने और अपनाने का प्रयास करना चाहिए।”
इस अवसर पर उन्होंने आधुनिक शिक्षा और तकनीकी विकास के महत्व को भी स्वीकार किया, लेकिन यह जोर दिया कि शिक्षा और तकनीकी प्रगति के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि संस्कृति और परंपराओं को जानने से छात्रों में आत्म-विश्वास, नैतिकता और सामाजिक जिम्मेदारी बढ़ती है।
कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ने छात्रों के साथ संवाद करते हुए उनसे उनके अनुभव और सांस्कृतिक गतिविधियों में भागीदारी के बारे में भी पूछा। उन्होंने सुझाव दिया कि छात्र कला, संगीत, नृत्य, नाटक और साहित्य जैसे क्षेत्रों में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि उनकी सांस्कृतिक समझ और संवेदनशीलता विकसित हो।
मंत्री ने कहा कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य छात्र को जीवन के सभी पहलुओं के लिए तैयार करना है। सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने से छात्रों का व्यक्तित्व निखरता है और उन्हें सामाजिक और राष्ट्रीय जिम्मेदारियों का अहसास होता है।
स्थानीय शिक्षकों और नागरिकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को अपने इतिहास और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ी अपने देश की विरासत को संभाल सके और दुनिया में भारतीय संस्कृति का गौरव बनाए रखे।
कार्यक्रम के अंत में केंद्रीय मंत्री ने छात्रों से अपील की कि वे अपने स्कूल और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों और गतिविधियों का आयोजन करें और इसे अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि सांस्कृतिक जागरूकता और शिक्षा का सही मिश्रण एक जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक तैयार करता है।
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