जम्मू और कश्मीर

Jammu: 36वीं शहादत वर्षगांठ पर दी गई प्रेमी और बेटे को श्रद्धांजलि

Payal
2 May 2026 4:52 PM IST
Jammu: 36वीं शहादत वर्षगांठ पर दी गई प्रेमी और बेटे को श्रद्धांजलि
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Jammu.जम्मू: शहर में 36वें शहादत दिवस पर वीरता और बलिदान को याद करते हुए प्रसिद्ध सैनिक प्रेमी और उनके पुत्र को भावभीनी श्रद्धांजलि दी गई। इस अवसर पर सैनिक परिवार, स्थानीय प्रशासन, और नागरिकों ने एकत्रित होकर शहादत के महत्व और देशभक्ति की भावना को सम्मानित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण और राष्ट्रीय गीत के साथ हुई। स्थानीय प्रशासन ने शहीद परिवार को फूल माला अर्पित कर सम्मानित किया। श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित लोगों ने सैनिक प्रेमी और उनके बेटे की बहादुरी और देश के प्रति समर्पण की बातें साझा कीं। उन्होंने कहा कि उनके बलिदान ने आज़ादी और सुरक्षा की भावना को मजबूत किया।
सैनिक प्रेमी और उनके बेटे ने अपने जीवन में कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन अपने कर्तव्य और देशभक्ति के पथ से कभी विचलित नहीं हुए। उनके योगदान को याद करते हुए समारोह में उपस्थित लोगों ने कहा कि उनका साहस आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारी ने कहा, "36 वर्षों बाद भी प्रेमी और उनके बेटे की शहादत आज भी हम सभी के लिए एक मिसाल है। हमें उनके बलिदान से सीख लेकर अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को निभाना चाहिए।" उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में राष्ट्रीयता और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।
स्मृति सभा में सैनिकों के परिवार और स्थानीय युवाओं ने भी भाग लिया। युवाओं ने शहीदों की वीरता से प्रेरणा लेते हुए अपने कर्तव्यों और समाज सेवा में बढ़-चढ़कर योगदान देने का संकल्प लिया। कई वक्ताओं ने कहा कि शहीदों के बलिदान को केवल याद करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों पर चलना और देश के प्रति अपने कर्तव्यों का पालन करना भी उनकी स्मृति का सर्वोत्तम सम्मान है।
इस अवसर पर कविताओं, भाषणों और देशभक्ति गीतों के माध्यम से भी शहीद परिवार को याद किया गया। कार्यक्रम में शहीदों की वीरता, उनके संघर्ष और साहस के किस्से साझा किए गए, जिससे उपस्थित लोगों की आंखों में आंसू और मन में गर्व का भाव उमड़ा।
अंत में, समारोह का समापन एक मिनट के मौन और पुष्प अर्पण के साथ हुआ। उपस्थित लोगों ने यह संकल्प लिया कि वे शहीदों के आदर्शों को याद रखेंगे और अपने कर्तव्यों के प्रति ईमानदारी और निष्ठा से कार्य करेंगे।
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