जम्मू और कश्मीर

Jammu: ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई, नाबालिग ड्राइविंग पर रोक

Admindelhi1
21 March 2026 2:48 AM IST
Jammu: ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग पर सख्त कार्रवाई, नाबालिग ड्राइविंग पर रोक
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"नाबालिग ड्राइविंग पर शिकंजा"

जम्मू: कुपवाड़ा उपयुक्त श्रीकांत सुसे ने जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिले में सड़क सुरक्षा उपायों और ट्रैफिक प्रबंधन की व्यापक समीक्षा की। बैठक उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई जिसमें विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रवर्तन एजेंसियों को जमीनी स्तर पर जांच तेज करने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से नाबालिग व किशोर ड्राइविंग, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग पर कड़ी नजर रखने को कहा।

ट्रैफिक पुलिस को महत्वपूर्ण चौराहों और बाजार क्षेत्रों में अतिरिक्त तैनाती के साथ औचक निरीक्षण बढ़ाने के निर्देश दिए गए जबकि नगर परिषद और राजस्व विभाग को अतिक्रमण हटाने के लिए नियमित अभियान चलाने को कहा गया ताकि यातायात जाम की समस्या कम हो सके। उपायुक्त ने स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया जिसमें छात्रों, युवाओं और व्यावसायिक चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक किया जाएगा। यह अभियान एआरटीओ, ट्रैफिक पुलिस और मुख्य शिक्षा अधिकारी द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।

बैठक में स्कूल बसों की जांच, ड्राइविंग स्कूलों के निरीक्षण, पहाड़ी सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर रोड सेफ्टी ऑडिट, ब्लैक स्पॉट की पहचान और सुधार, सड़कों की मरम्मत, ब्लाइंड कर्व्स पर संकेतक लगाने जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में एंबुलेंस की रणनीतिक तैनाती और स्वास्थ्य संस्थानों की तत्परता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा प्रधानमंत्री सड़क दुर्घटना पीड़ित अस्पताल भर्ती एवं आश्वस्त उपचार योजना पर भी चर्चा हुई जिसके तहत सड़क दुर्घटना पीड़ितों को ‘गोल्डन आवर’ में 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस उपचार उपलब्ध कराया जाता है जिससे समय पर इलाज मिल सके और जीवन बचाने की संभावना बढ़े। बैठक में एसएसपी कुपवाड़ा, एसएसपी हंदवाड़ा सहित लोक निर्माण विभाग, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए अपने सुझाव प्रस्तुत किए।

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