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Jammu को राज्य का दर्जा दिलाने के लिए ‘जम्मू स्टेट मूवमेंट’ शुरू

Jammu जम्मू: जम्मू को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर जम्मू में एक नई पहल शुरू की गई है। सामाजिक, धार्मिक, व्यापारिक, राजनीतिक और नागरिक समाज संगठनों के प्रतिनिधियों तथा प्रमुख नागरिकों की एक महत्वपूर्ण बैठक में सर्वसम्मति से ‘जम्मू स्टेट मूवमेंट’ के बैनर तले संयुक्त लोकतांत्रिक और संवैधानिक अभियान शुरू करने का निर्णय लिया गया।
बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने कहा कि जम्मू क्षेत्र के लोगों की लंबे समय से यह मांग रही है कि क्षेत्र को उसका पूर्ण राज्य का दर्जा वापस दिया जाए। उनका कहना है कि राज्य का दर्जा मिलने से जम्मू के विकास, प्रशासनिक व्यवस्था और स्थानीय मुद्दों के समाधान को नई दिशा मिल सकेगी।
बैठक के दौरान वक्ताओं ने जम्मू क्षेत्र से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कई वर्षों से जम्मू विकास, रोजगार, उद्योग, व्यापार, पर्यटन, बुनियादी ढांचे और प्रशासनिक प्राथमिकताओं के मामले में अपेक्षित गति हासिल नहीं कर पाया है।
प्रतिनिधियों ने कहा कि जम्मू के लोगों की आकांक्षाओं और क्षेत्रीय हितों को पर्याप्त महत्व नहीं मिला है। उनका दावा है कि विकास योजनाओं और प्रशासनिक फैसलों में जम्मू क्षेत्र की जरूरतों को अधिक प्राथमिकता दिए जाने की आवश्यकता है।
बैठक में मौजूद लोगों ने कहा कि जम्मू के लोगों को अब एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग उठानी होगी। उन्होंने जोर दिया कि पूर्ण राज्य का दर्जा केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के विकास, पहचान और भविष्य से जुड़ा विषय है।
‘जम्मू स्टेट मूवमेंट’ के तहत शुरू किए जाने वाले अभियान में विभिन्न सामाजिक और नागरिक संगठनों को शामिल करने की योजना बनाई गई है। आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन किसी एक संगठन या राजनीतिक दल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
बैठक में वक्ताओं ने कहा कि जम्मू क्षेत्र ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण स्थान रखता है। इसके बावजूद क्षेत्र के लोगों को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने रोजगार के अवसरों की कमी, उद्योगों के सीमित विस्तार और पर्यटन क्षेत्र में मौजूद संभावनाओं के पूर्ण उपयोग नहीं होने जैसे मुद्दे उठाए।
प्रतिनिधियों ने कहा कि पूर्ण राज्य का दर्जा मिलने से स्थानीय स्तर पर फैसले लेने की क्षमता बढ़ेगी और लोगों की समस्याओं का समाधान तेजी से हो सकेगा। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारों और विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के लिए राज्य का दर्जा जरूरी बताया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि अभियान को संवैधानिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। इसके तहत जनजागरूकता कार्यक्रम, विभिन्न वर्गों के साथ संवाद और लोकतांत्रिक माध्यमों से सरकार तक अपनी मांग पहुंचाने की रणनीति तैयार की जाएगी।
आयोजकों ने कहा कि जम्मू के लोगों की आवाज को मजबूत करने के लिए समाज के हर वर्ग को साथ लिया जाएगा। उन्होंने राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर क्षेत्र के हितों के लिए एक साझा मंच पर आने की अपील की।
गौरतलब है कि अगस्त 2019 में जम्मू-कश्मीर के पुनर्गठन के बाद जम्मू-कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया था। इसके बाद से ही क्षेत्र में पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने की मांग समय-समय पर उठती रही है।
‘जम्मू स्टेट मूवमेंट’ के जरिए अब इस मांग को एक संगठित अभियान के रूप में आगे बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। बैठक में शामिल प्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि सामूहिक प्रयासों के माध्यम से जम्मू के लोगों की मांग को मजबूती से उठाया जाएगा।
आने वाले दिनों में इस अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाने की संभावना है, जिनमें सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, युवाओं और नागरिक समूहों की भागीदारी पर जोर दिया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि उनका उद्देश्य लोकतांत्रिक तरीके से जम्मू के हितों की आवाज को सरकार और देश के सामने रखना है।





