जम्मू और कश्मीर

Jammu: जम्मू-कठुआ में एसटी-2 प्रमाणपत्र विवाद, संघर्ष समिति ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस

Admindelhi1
12 March 2026 1:47 AM IST
Jammu: जम्मू-कठुआ में एसटी-2 प्रमाणपत्र विवाद, संघर्ष समिति ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
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जम्मू: जम्मू के प्रेस क्लब में 11 मार्च, 2026 को पीओजेके डिप्लेस्ड पीपुल्स (1947) के तहत एसटी 2 संघर्ष समिति द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई। समिति ने जम्मू और कठुआ जिलों में पहाड़ी जातीय समूह के तहत एसटी-2 प्रमाणपत्र न मिलने की समस्या को उजागर किया। वक्ताओं ने 2011 की जनगणना डेटा में विसंगतियों और नियमों में बदलाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि जम्मू जिले में पहाड़ी भाषी लोगों की संख्या “शून्य” दिखाना धोखाधड़ी है, जबकि गृह मंत्रालय की आरटीआई रिपोर्ट में लगभग 18,000 निवासियों का उल्लेख है।

समिति ने कहा कि 2018 के नियमों के तहत विस्थापित पहाड़ी आवेदक अपने पूर्वजो के राजस्व रिकॉर्ड दिखाकर आवेदन कर सकते थे लेकिन 2024 के एसओ 176 में यह सुविधा हटा दी गई है। इसके विपरीत 2024 में शामिल पैडरी जनजाति के लिए पूर्वजो के रिकॉर्ड अनिवार्य हैं। वहीं राजौरी और पुंछ में एसटी-2 प्रमाणपत्र दिए जा रहे हैं लेकिन जम्मू और कठुआ में आवेदन ठुकराए जा रहे हैं जो एक्ट के अनुसार मूलभूत अधिकारों का उल्लंघन है।

समिति ने बताया कि लगभग 31,000 परिवार 1947 में पीओजेके से विस्थापित हुए थे जिनमें से 12,000 परिवार राजौरी और पुंछ में बसाए गए और एसटी-2 लाभ ले रहे हैं जबकि जम्मू और कठुआ में बसे परिवारों को यह सुविधा नहीं मिल रही। उन्होंने प्रशासन से अपील की कि समान नीति अपनाकर सभी जिलों में प्रमाणपत्र जारी किए जाएँ। प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिटायर्ड एसपी इंदरजीत शर्मा, रिटायर्ड एसपी विजय कुमार, सरपंच अमृत बाली, डॉ. मनहो शर्मा, विजय शर्मा, रोहित खजूरिया, दारा सिंह, रविंदर सिंह, अंकुश रैना, तुषार शर्मा, अनमोल रैना, अंकित शर्मा, राजिंदर सिंह, सन्नी शर्मा, हैप्पी रैना, संतोष शर्मा सहित अन्य शामिल हुए।

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