जम्मू और कश्मीर

लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद, 1700 से ज्यादा ट्रक फंसे

Kavita2
27 July 2026 3:48 PM IST
लैंडस्लाइड से जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे बंद, 1700 से ज्यादा ट्रक फंसे
x

उधमपुर : जम्मू-कश्मीर में सोमवार को भारी बारिश और खराब मौसम के बीच सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। उधमपुर जिले में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर हुए बड़े लैंडस्लाइड के कारण करीब 250 किलोमीटर लंबा यह रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गया। हाईवे बंद होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और सैकड़ों वाहन फंस गए।

ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सोमवार सुबह उधमपुर जिले के देवल इलाके में जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर जमीन का एक बड़ा हिस्सा खिसक गया। अचानक हुए इस भूस्खलन के कारण सड़क का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ, जिसके बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने हाईवे पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही रोक दी।

अधिकारियों ने बताया कि हाईवे बंद होने के कारण उधमपुर और बनिहाल के बीच करीब 1700 ट्रक और बड़ी संख्या में यात्री वाहन फंस गए। इनमें जरूरी सामान लेकर जा रहे मालवाहक वाहन भी शामिल थे। हाईवे बंद होने से यात्रियों और ट्रक चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

बताया गया कि इससे पहले सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम चल रहा था और वाहनों को एक ही लेन यानी सिंगल कैरिजवे से नियंत्रित तरीके से निकाला जा रहा था। हालांकि, देवल क्षेत्र में हुए नए लैंडस्लाइड के बाद सड़क की स्थिति और खराब हो गई, जिसके चलते प्रशासन को यातायात पूरी तरह रोकना पड़ा।

जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे जम्मू-कश्मीर के लिए जीवनरेखा माना जाता है। यह मार्ग कश्मीर घाटी को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। इस हाईवे पर किसी भी तरह की बाधा से आम लोगों के साथ-साथ व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित होती है।

ट्रैफिक अधिकारियों ने बताया कि लैंडस्लाइड के बाद सड़क से मलबा हटाने और मार्ग को बहाल करने के लिए मशीनों और कर्मचारियों को मौके पर लगाया गया है। संबंधित विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहे हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि जल्द से जल्द सड़क को यातायात के लिए सुरक्षित बनाया जा सके।

इसी बीच, डोडा जिले में भी सड़क यातायात को लेकर सावधानी बरती गई। अधिकारियों के अनुसार, जिले के एक प्रमुख पुल पर दरारें होने की आशंका के बाद सुरक्षा जांच के लिए कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही रोक दी गई। पुल की मजबूती और सुरक्षा स्थिति की जांच के बाद ही आगे का फैसला लिया जाना है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और यात्रा शुरू करने से पहले सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें। पर्वतीय क्षेत्रों में बारिश के दौरान भूस्खलन, पत्थर गिरने और सड़क क्षति जैसी घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

स्थानीय प्रशासन और सड़क निर्माण एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में लगातार काम कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ही हाईवे पर यातायात बहाल किया जाएगा। सड़क की स्थिति पूरी तरह सुरक्षित पाए जाने के बाद ही वाहनों को आगे बढ़ने की अनुमति दी जाएगी।

जम्मू-कश्मीर के पहाड़ी इलाकों में मानसून के दौरान इस तरह की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं। पहाड़ी ढलानों पर पानी का दबाव बढ़ने से जमीन कमजोर हो जाती है और भूस्खलन की संभावना बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन और आपदा प्रबंधन दल संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखते हैं।

फिलहाल जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यातायात प्रभावित है और राहत एवं बहाली कार्य जारी है। बड़ी संख्या में फंसे वाहनों को देखते हुए अधिकारी जल्द से जल्द मार्ग खोलने के प्रयास में जुटे हैं। यात्रियों और वाहन चालकों को स्थिति सामान्य होने तक धैर्य बनाए रखने की सलाह दी गई है।

Next Story