जम्मू और कश्मीर

Jammu: विद्वानों ने फ़ारसी भाषा और साहित्य पर रखा दृष्टिकोण

Ratna Netam
3 May 2026 7:03 PM IST
Jammu: विद्वानों ने फ़ारसी भाषा और साहित्य पर रखा दृष्टिकोण
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Jammu.जम्मू: स्थानीय शैक्षणिक संस्थान में हाल ही में फ़ारसी भाषा पर एक विस्तृत व्याख्यान आयोजित किया गया, जिसमें भाषा, साहित्य और उसकी सांस्कृतिक महत्ता पर गहन चर्चा हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और भाषा प्रेमियों को फ़ारसी भाषा की ऐतिहासिक और आधुनिक प्रासंगिकता से अवगत कराना था।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता ने बताया कि फ़ारसी भाषा न केवल साहित्यिक दृष्टि से समृद्ध है, बल्कि यह भारत और मध्य एशिया के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों का भी प्रतीक है। उन्होंने कहा कि फ़ारसी का अध्ययन न केवल भाषा के ज्ञान को बढ़ाता है, बल्कि इतिहास, कला और संस्कृति की गहरी समझ भी प्रदान करता है।
कार्यक्रम में फ़ारसी भाषा के व्याकरण, शब्दावली, साहित्यिक काव्य और प्राचीन तथा आधुनिक लेखकों के योगदान पर विशेष जोर दिया गया। वक्ताओं ने बताया कि फ़ारसी का साहित्यिक प्रभाव भारतीय भाषाओं, विशेषकर हिंदी और उर्दू पर स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है।
व्याख्यान में छात्रों और शोधकर्ताओं ने भी भाग लिया। उन्होंने फ़ारसी भाषा के अध्ययन के महत्व, साहित्यिक कृतियों के अनुवाद और संस्कृति में उसके योगदान पर प्रश्न पूछे। वक्ताओं ने इन सवालों का विस्तृत और उदाहरणों के माध्यम से उत्तर दिया, जिससे कार्यक्रम और भी ज्ञानवर्धक बन गया।
इसके अलावा, व्याख्यान में फ़ारसी भाषा के संरक्षण और प्रोत्साहन पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि शैक्षणिक संस्थानों में फ़ारसी भाषा के पाठ्यक्रम को बढ़ावा दिया जाना चाहिए और विद्यार्थियों को व्यावहारिक अनुभव के साथ भाषा का प्रशिक्षण दिया जाए।
कार्यक्रम का आयोजन इस बात का उदाहरण है कि किस प्रकार भाषा और साहित्य के क्षेत्र में जागरूकता बढ़ाई जा सकती है। छात्रों और प्रतिभागियों ने व्याख्यान की सराहना की और कहा कि इसने उन्हें फ़ारसी भाषा और उसकी सांस्कृतिक प्रासंगिकता के बारे में गहन जानकारी दी।
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