जम्मू और कश्मीर

Jammu: जम्मू में 14 मार्च को धार्मिक उत्सव चैत्र संक्रांति

Admindelhi1
13 March 2026 1:19 AM IST
Jammu: जम्मू में 14 मार्च को धार्मिक उत्सव चैत्र संक्रांति
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जम्मू: जम्मू में चैत्र संक्रांति का पर्व 14 मार्च को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया जाएगा। सनातन धर्म में इस संक्रांति का विशेष महत्व माना जाता है। श्री कैलख ज्योतिष एवं वैदिक संस्थान ट्रस्ट के अध्यक्ष (ज्योतिषाचार्य) महंत रोहित शास्त्री ने बताया कि वर्ष 2026 में सूर्य देव 14 मार्च की देर रात्रि 01 बजकर 01 मिनट पर कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश करेंगे। इसी कारण इसे मीन संक्रांति भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि संक्रांति का पुण्य काल अगले दिन सुबह 7 बजकर 25 मिनट तक रहेगा। इस अवधि में जप, तप, स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन किए गए दान और पुण्य कर्मों से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

महंत रोहित शास्त्री के अनुसार चैत्र संक्रांति के दिन शुद्ध घी, तिल, सरसों का तेल और कंबल का दान विशेष फलदायी माना गया है। इस अवसर पर गंगा, नदियों या सरोवरों में स्नान और दान करना भी शुभ माना जाता है। यदि कोई व्यक्ति पवित्र नदियों में स्नान नहीं कर सकता तो घर में पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करने से भी गंगा स्नान के समान फल प्राप्त होता है। उन्होंने बताया कि इस दिन तामसिक भोजन से परहेज करना चाहिए और ब्रह्मचर्य का पालन करना चाहिए। व्रत रखने वाले लोगों को बाल, दाढ़ी या नाखून काटने से बचना चाहिए तथा पूजा के समय चमड़े की वस्तुओं और काले कपड़ों का प्रयोग नहीं करना चाहिए।

ज्योतिषाचार्य के अनुसार इस संक्रांति का प्रभाव विभिन्न राशियों पर भी पड़ेगा और राशि के अनुसार दान करने से विशेष पुण्य फल की प्राप्ति होगी। उन्होंने लोगों से इस अवसर पर दान-पुण्य और धार्मिक आचरण अपनाने की अपील की।

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