जम्मू और कश्मीर

JAMMU: बारिश और नमी ने बढ़ाई ‘कुंडी’ की पैदावार

Payal
9 April 2026 5:32 PM IST
JAMMU: बारिश और नमी ने बढ़ाई ‘कुंडी’ की पैदावार
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JAMMU.जम्मू: इस वर्ष क्षेत्र में बने नम और ठंडे मौसम के कारण जंगलों में उगने वाली जंगली ‘कुंडी’ की बंपर फसल देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों और वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने बताया कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार ‘कुंडी’ की पैदावार काफी अधिक हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘कुंडी’ एक प्रकार का जंगली खाद्य पदार्थ है, जो आमतौर पर नम और ठंडे वातावरण में तेजी से बढ़ता है। इस बार लगातार बारिश और वातावरण में बनी नमी ने इसके विकास के लिए
अनुकूल परिस्थितियां प्रदान की हैं,
जिससे इसकी पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि ‘कुंडी’ की यह बंपर फसल उनके लिए अतिरिक्त आय का स्रोत बन गई है।
कई लोग इसे जंगलों से इकट्ठा कर स्थानीय बाजारों में बेच रहे हैं। इससे न केवल उनकी आमदनी बढ़ी है, बल्कि स्थानीय स्तर पर इसकी मांग भी बढ़ गई है। वन विभाग के अधिकारियों ने भी इस वर्ष ‘कुंडी’ की अच्छी पैदावार की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक परिस्थितियों के अनुकूल होने से यह फसल तेजी से फैली है। हालांकि, उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों से ‘कुंडी’ इकट्ठा करते समय पर्यावरण संरक्षण का ध्यान रखें और अंधाधुंध कटाई से बचें। स्थानीय बाजारों में ‘कुंडी’ की कीमत भी इस बार संतुलित बनी हुई है। अधिक उत्पादन के कारण इसकी उपलब्धता बढ़ी है, जिससे आम उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ मिल रहा है। कई लोग इसे अपने दैनिक भोजन में शामिल कर रहे हैं, क्योंकि यह पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है।
विशेष रूप से, ‘कुंडी’ का उपयोग पारंपरिक व्यंजनों में किया जाता है और यह स्थानीय संस्कृति का भी हिस्सा है। ग्रामीण इलाकों में इसे स्वाद और स्वास्थ्य दोनों के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि यदि मौसम की स्थिति इसी प्रकार अनुकूल बनी रही, तो आने वाले समय में भी ‘कुंडी’ की पैदावार अच्छी रहने की संभावना है। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि जलवायु परिवर्तन और अत्यधिक दोहन से इसके प्राकृतिक संतुलन पर असर पड़ सकता है। अंततः, नम मौसम के कारण जंगली ‘कुंडी’ की बंपर फसल ने जहां स्थानीय लोगों को आर्थिक लाभ पहुंचाया है, वहीं यह प्राकृतिक संसाधनों के सही उपयोग और संरक्षण की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।
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