जम्मू और कश्मीर

Jammu: उर्दू भाषा के उम्मीदवारों के हितों को प्राथमिकता

Ratna Netam
29 April 2026 5:51 PM IST
Jammu: उर्दू भाषा के उम्मीदवारों के हितों को प्राथमिकता
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Jammu.जम्मू: सरकार ने स्पष्ट किया है कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट के भर्ती नियमों और रिक्रूटमेंट प्रक्रिया से उर्दू भाषा को कभी भी बाहर नहीं किया जाएगा। यह बयान राज्य में भाषाई अधिकारों और रोजगार में समान अवसर सुनिश्चित करने के लिए जारी किया गया है।
सरकार ने कहा कि उर्दू भाषा के उम्मीदवारों के लिए नौकरी के अवसर हमेशा सुरक्षित रहेंगे। अधिकारियों ने बताया कि भर्ती प्रक्रिया में उर्दू भाषा के ज्ञान को आवश्यक योग्यता के रूप में मान्यता दी जाएगी और इसे कभी भी नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
राज्य प्रशासन ने यह भी कहा कि उर्दू भाषा के संरक्षण और प्रचार-प्रसार के लिए नियमित कदम उठाए जाएंगे। यह न केवल भाषाई अधिकारों की सुरक्षा करता है बल्कि राज्य में विविधता और सांस्कृतिक पहचान को भी बनाए रखता है।
सरकारी अधिकारियों ने बताया कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में गलतफहमी के कारण यह भ्रम फैल गया था कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट की नई भर्ती नीति में उर्दू को हटा दिया गया है। सरकार ने इसे स्पष्ट किया कि ऐसा कभी नहीं होगा और सभी नियम और निर्देशों में उर्दू भाषा हमेशा शामिल रहेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह निर्णय भाषाई विविधता को मान्यता देने और सरकारी भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उर्दू भाषा की योग्यता को बरकरार रखना रोजगार और प्रशासनिक कामकाज में संतुलन बनाए रखने में मदद करता है।
सरकार ने उम्मीदवारों से अपील की कि वे भरोसा रखें और किसी भी प्रकार के भ्रम या अफवाह पर ध्यान न दें। अधिकारियों ने कहा कि रेवेन्यू डिपार्टमेंट में भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और निष्पक्ष होगी और सभी योग्य उम्मीदवारों के लिए समान अवसर उपलब्ध होंगे।
इसके अलावा, सरकार ने यह आश्वासन दिया कि भाषा आधारित भेदभाव की अनुमति नहीं दी जाएगी और किसी भी प्रकार की अनुचित कार्रवाई पर सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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