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Jammu: व्यापार माहौल बेहतर बनाने हेतु पीएचडीसीसीआई के सुझाव सामने आए

जम्मू: जम्मू में आयोजित ईज ऑफ़ डूइंग बिजेनस विषय पर हुई बैठक के दौरान पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री जम्मू क्षेत्र के चेयरमैन राकेश वज़ीर ने जम्मू-कश्मीर में व्यापारिक माहौल को और बेहतर बनाने के लिए मुख्य सचिव अतुल डुल्लू के समक्ष कई महत्वपूर्ण सुझाव रखे। इस अवसर पर वज़ीर ने कहा कि वर्तमान समय में ईज ऑफ़ डूइंग बिजेनस बेहद आवश्यक है और वही देश, राज्य या केंद्र शासित प्रदेश सफल हुए हैं जहां उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने सरकार द्वारा पहले चरण में किए गए डीरिगुलेशन और अनुपालन कम करने के प्रयासों का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई कि दूसरे चरण के सुधार निवेश और व्यापार को और मजबूत करेंगे।
उन्होंने सुझाव दिया कि वाणिज्यिक संचालन प्रमाणपत्र प्रारंभ केवल इस आधार पर जारी किया जाए कि उद्योग ने अपना काम शुरू कर दिया है जबकि अन्य औपचारिकताएं बाद में पूरी की जा सकती हैं। इसके अलावा मौजूदा उद्योगों के विस्तार के लिए भी प्रोत्साहन देने की बात कही। वज़ीर ने यह भी कहा कि प्रोत्साहन योजनाओं के लिए आवेदन करते समय मांगे जाने वाले दस्तावेजों की संख्या कम की जानी चाहिए क्योंकि जटिल प्रक्रिया के कारण कई उद्यमी इन योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाते। पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने होटल, गेस्ट हाउस और पीजी आवासों के पंजीकरण की प्रक्रिया सरल बनाने तथा उद्योगों की तरह स्वयं-पंजीकरण प्रणाली लागू करने का सुझाव दिया। उन्होंने होमस्टे को बढ़ावा देने के लिए घरों को बिना अधिक औपचारिकताओं के होमस्टे में बदलने की अनुमति देने की भी बात कही।
उन्होंने अग्निशमन विभाग से मिलने वाले एनओसी की अवधि पांच वर्ष करने और जम्मू-कश्मीर की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए नियमों को सरल बनाने का सुझाव भी दिया। इसके साथ ही भवन निर्माण योजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को भी सरल बनाने और मेट्रो शहरों की तरह फर्श क्षेत्र अनुपात का स्थानांतरण (एफएआर) व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की। मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने सभी सुझावों को ध्यानपूर्वक सुना और आश्वासन दिया कि प्रत्येक बिंदु पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को सभी सुझावों की सूची तैयार कर व्यवहारिक प्रस्तावों को आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।





