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जम्मू और कश्मीर
तवी नदी को साफ रखने की पहल पूजा सामग्री के लिए जम्मू नगर निगम ने बनाया नया प्लान
nidhi
15 Aug 2026 9:32 AM IST

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तवी नदी में पूजा कचरा रोकने की तैयारी नगर निगम बनाएगा विशेष संग्रह केंद्र
जम्मू : धार्मिक आस्था से जुड़े आयोजनों के बाद नदी और जल स्रोतों में डाले जाने वाले पूजा सामग्री के कचरे को रोकने के लिए जम्मू नगर निगम ने एक नई पहल शुरू करने की तैयारी की है। अब फूल-माला, हवन सामग्री, पूजा के अवशेष और अन्य धार्मिक कचरे को तवी नदी में बहाने पर रोक लगाने के लिए विशेष व्यवस्था बनाई जाएगी।
नगर निगम ने इसके लिए एक योजना तैयार की है, जिसके तहत शहर के प्रमुख मंदिरों और घाटों के आसपास पूजा सामग्री संग्रह केंद्र बनाए जाएंगे। श्रद्धालु अपनी पूजा सामग्री इन स्थानों पर जमा कर सकेंगे, जिसे बाद में वैज्ञानिक तरीके से निपटाया जाएगा।
तवी नदी को प्रदूषण से बचाने की पहल
जम्मू की जीवनरेखा मानी जाने वाली तवी नदी में लंबे समय से धार्मिक और घरेलू कचरे के पहुंचने की समस्या रही है। नगर निगम का मानना है कि पूजा सामग्री के अवशेष भी नदी के प्रदूषण का एक कारण बनते हैं। नई व्यवस्था के तहत लोगों को जागरूक किया जाएगा कि वे धार्मिक आस्था से जुड़ी सामग्री को नदी में प्रवाहित करने के बजाय निर्धारित स्थानों पर जमा करें।
मंदिरों और घाटों पर लगेंगे संग्रह केंद्र
जम्मू नगर निगम की योजना के अनुसार, शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों और नदी किनारे वाले क्षेत्रों में विशेष डिब्बे और संग्रह केंद्र लगाए जाएंगे। यहां फूल, माला, कपड़े, हवन सामग्री और अन्य पूजा अवशेष एकत्र किए जाएंगे। इसके बाद इन सामग्रियों का निस्तारण पर्यावरण अनुकूल तरीके से किया जाएगा। फूलों और जैविक सामग्री से खाद बनाने जैसी संभावनाओं पर भी काम किया जा सकता है।
श्रद्धालुओं से सहयोग की अपील
नगर निगम ने लोगों से अपील की है कि वे धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए पर्यावरण संरक्षण में भी योगदान दें। अधिकारियों का कहना है कि आस्था और स्वच्छता दोनों को साथ लेकर चलना जरूरी है। लोगों को जागरूक करने के लिए मंदिर समितियों और सामाजिक संगठनों की मदद भी ली जाएगी।
स्वच्छ तवी अभियान को मिलेगी मजबूती
तवी नदी की सफाई और संरक्षण के लिए पहले भी कई अभियान चलाए गए हैं। नगर निगम की यह पहल नदी को स्वच्छ रखने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि लोग सहयोग करेंगे तो धार्मिक आस्था से जुड़े कार्यक्रमों के बाद निकलने वाले कचरे को नदी में जाने से पूरी तरह रोका जा सकता है।
पर्यावरण और आस्था का संतुलन
धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए पर्यावरण संरक्षण करना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है। नगर निगम का मानना है कि पूजा सामग्री का सही निपटान करने से नदियों की स्वच्छता बनी रहेगी और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोत सुरक्षित रहेंगे। जम्मू नगर निगम की यह पहल तवी नदी को स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम साबित हो सकती है।
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