जम्मू और कश्मीर

Jammu: नए उद्योग और रोजगार सृजन के लिए उपायों की समीक्षा

Ratna Netam
21 April 2026 5:47 PM IST
Jammu: नए उद्योग और रोजगार सृजन के लिए उपायों की समीक्षा
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Jammu.जम्मू: सरकार की ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस और नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी को सुदृढ़ बनाने के लिए गठित कमिटी ने आज प्रमुख स्टेकहोल्डर्स, उद्योगपतियों और व्यापार विशेषज्ञों के साथ बातचीत शुरू की। इस पहल का उद्देश्य व्यापारिक माहौल को आसान और निवेश-अनुकूल बनाना है।
कमिटी ने कहा कि यह पहल स्थानीय और विदेशी निवेशकों के लिए नई नीतियां और प्रक्रियाएं विकसित करने पर केंद्रित है। उन्होंने विभिन्न उद्योगों, स्टार्टअप्स और व्यापारिक संगठनों के सुझावों को सुनना शुरू किया ताकि नीति में वास्तविक आवश्यकताओं को शामिल किया जा सके।
बैठक में ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस रैंकिंग में सुधार, उद्योगों के लिए सरल लाइसेंसिंग प्रक्रिया, कर और प्रशासनिक बाधाओं का समाधान जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। स्टेकहोल्डर्स ने प्रवेश और आउटगोइंग निवेश, तकनीकी नवाचार और रोजगार सृजन को प्राथमिकता देने की मांग की।
कमिटी ने बताया कि नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी में हर राज्य और क्षेत्र की विशेषताओं के अनुसार निवेश-समर्थक उपाय शामिल होंगे। इसके तहत स्टार्टअप्स, MSMEs और बड़े उद्योगों के लिए सहूलियत, वित्तीय प्रोत्साहन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुविधा प्रदान की जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस प्रक्रिया में सभी हितधारकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इससे नीति केवल कागज पर नहीं रहेगी, बल्कि वास्तविक औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन को गति मिलेगी। कमिटी ने कहा कि वे आवश्यक सुधारों के प्रस्ताव तैयार करेंगे और इसे नीति में शामिल करेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह पहल निवेशकों और उद्योगपतियों के लिए विश्वास बढ़ाने, निवेश प्रवाह बढ़ाने और व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे नई परियोजनाओं और औद्योगिक इकाइयों की स्थापना में तेजी आएगी।
कमिटी ने आगे कहा कि वे नियमित समीक्षा और फॉलो-अप बैठकें आयोजित करेंगे ताकि नीति के कार्यान्वयन में किसी प्रकार की बाधा न आए और सभी सुझावों को लागू करने के लिए ठोस योजना बनाई जा सके।
कुल मिलाकर, ईज़ ऑफ़ डूइंग बिज़नेस और नई इंडस्ट्रियल पॉलिसी पर कमिटी की यह पहल उद्योग, निवेश और रोजगार सृजन के लिए सकारात्मक माहौल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल निवेशकों का भरोसा बढ़ेगा, बल्कि देश में आर्थिक विकास और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
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