जम्मू और कश्मीर

Jammu: छात्रों और युवाओं को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया

Ratna Netam
22 April 2026 6:50 PM IST
Jammu: छात्रों और युवाओं को सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के लिए प्रेरित किया
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Jammu.जम्मू: जेके विश्वविद्यालय (JU) के लॉ स्कूल ने हाल ही में एक विशेष लेक्चर आयोजित किया, जिसमें विरासत संरक्षण में युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों और युवाओं को सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत के संरक्षण के महत्व के प्रति जागरूक करना था।
लेक्चर में विशेषज्ञों ने कानूनी दृष्टिकोण से विरासत संरक्षण के नियम, जिम्मेदारियां और कानून की प्रावधानों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि युवाओं का सक्रिय योगदान न केवल सांस्कृतिक संरक्षण के लिए जरूरी है, बल्कि इससे समाज में जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना भी पैदा होती है।
कार्यक्रम में छात्रों ने भी भाग लिया और उन्होंने प्रश्न पूछकर विभिन्न चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की। प्रशिक्षकों ने केस स्टडी और वास्तविक उदाहरणों के माध्यम से समझाया कि कैसे युवा विभिन्न पहलुओं में योगदान दे सकते हैं, जैसे कि ऐतिहासिक इमारतों का संरक्षण, पारंपरिक कला और संस्कृति का संवर्धन और स्थानीय समुदायों के साथ सहयोग।
लेक्चर में यह भी बताया गया कि कानून और नीति के माध्यम से विरासत संरक्षण को मजबूत किया जा सकता है। छात्रों को सिखाया गया कि वे न केवल कानून के पालन में सक्रिय हों, बल्कि सामाजिक जागरूकता फैलाने और नागरिकों को शिक्षा देने में भी मदद करें।
विशेषज्ञों ने कहा कि विरासत केवल अतीत का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ियों के लिए पहचान और सांस्कृतिक धरोहर है। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर संरक्षण के प्रयासों में भाग लें।
अंत में छात्रों और उपस्थित प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की सराहना की और कहा कि ऐसे लेक्चर युवाओं को जिम्मेदार नागरिक बनने और समाज में सकारात्मक योगदान देने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में और कार्यशालाओं और प्रशिक्षण सत्रों की योजना बनाई जानी चाहिए, ताकि युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ती रहे।
कुल मिलाकर, जेयू लॉ स्कूल का यह लेक्चर युवाओं में विरासत संरक्षण के प्रति जागरूकता पैदा करने और उन्हें सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। इस तरह के कार्यक्रम न केवल छात्रों का कानूनी और सांस्कृतिक ज्ञान बढ़ाते हैं, बल्कि समाज में जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता की भावना भी मजबूत करते हैं।
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