जम्मू और कश्मीर

Jammu: स्थानिक नामों के स्टैंडर्डाइजेशन के लिए सरकार ने बनाया पैनल

Ratna Netam
24 April 2026 5:29 PM IST
Jammu: स्थानिक नामों के स्टैंडर्डाइजेशन के लिए सरकार ने बनाया पैनल
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Jammu.जम्मू: सरकार ने देशभर में जगहों और स्थानों के नामों को स्टैंडर्ड बनाने और एकरूप करने के उद्देश्य से एक विशेषज्ञ पैनल गठित किया है। इस पहल का उद्देश्य नक्शों, सरकारी दस्तावेज़ों, परिवहन और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जगहों के नामों में एकरूपता सुनिश्चित करना बताया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में विभिन्न दस्तावेजों और माध्यमों में स्थानों के नाम अलग-अलग वर्तनी, उच्चारण और शैली में दर्ज हैं। इससे सरकारी रिकॉर्ड, डिजिटल मैपिंग, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक सेवाओं में असुविधा उत्पन्न हो रही थी। पैनल का गठन इन समस्याओं को दूर करने और नामों के मानकीकरण की प्रक्रिया को तेजी से लागू करने के लिए किया गया है।
पैनल में भाषा विशेषज्ञ, भूगोल और सर्वेक्षण विशेषज्ञ, ऐतिहासिक विद्वान और तकनीकी सलाहकार शामिल हैं। पैनल का काम यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी स्थानों के नाम सरकारी मानकों के अनुसार लिखे जाएँ और सभी सरकारी और डिजिटल माध्यमों में समान रूप से उपयोग किए जाएँ।
सरकार के प्रवक्ता ने कहा कि यह पहल नागरिकों और प्रशासन दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। पैनल की सिफारिशों के बाद, नक्शों, रेलवे और बस स्टेशनों, सड़क संकेतों और डिजिटल मैपिंग प्लेटफॉर्म पर नामों का एकरूप उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा। इससे लोगों को जगहों की पहचान और यात्रा में आसानी होगी।
पैनल जल्द ही स्थानों के नामों के लिए एक विस्तृत डेटाबेस तैयार करेगा। इसमें ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व वाले स्थानों के नामों का ध्यान रखा जाएगा। पैनल यह सुनिश्चित करेगा कि किसी भी स्थान का नाम बदलते समय उसकी सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और भाषाई पृष्ठभूमि का सम्मान किया जाए।
विशेषज्ञों ने कहा कि यह पहल डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटल मैपिंग, जीआईएस (GIS) और आपातकालीन सेवाओं के लिए भी सहायक होगी। एकरूप नामों की वजह से डेटा संग्रहण, आपातकालीन सेवाओं और नागरिक सुविधाओं की प्रक्रिया सरल और अधिक प्रभावी बनेगी।
सरकार ने कहा कि पैनल की सिफारिशों को लागू करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जल्द ही जारी किए जाएंगे। इस दिशा में प्रशासनिक और तकनीकी संसाधनों का पूरा सहयोग दिया जाएगा।
सार्वजनिक प्रतिक्रिया भी पैनल के कामकाज का हिस्सा होगी। नागरिकों और स्थानीय संगठनों से सुझाव लेने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और सार्वजनिक सुनवाई के माध्यम से एक प्रक्रिया बनाई जाएगी। इसका उद्देश्य सभी वर्गों की सहमति और सहभागिता सुनिश्चित करना है।
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