जम्मू और कश्मीर

Jammu: ‘जशन-ए-बहार’ वर्कशॉप का अनुभव, कला और प्रकृति का संगम

Ratna Netam
8 May 2026 5:23 PM IST
Jammu: ‘जशन-ए-बहार’ वर्कशॉप का अनुभव, कला और प्रकृति का संगम
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Jammu.जम्मू: हाल ही में आयोजित ‘जशन-ए-बहार’ वर्कशॉप के दौरान कलाकारों ने सुंदर और प्राकृतिक दृश्यावली वाले सिंथन टॉप का दौरा किया। इस दौरे का उद्देश्य न केवल कलाकारों को प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव कराना था, बल्कि उन्हें अपने कला और रचनात्मक दृष्टिकोण में नई प्रेरणा भी देना था।
वर्कशॉप का आयोजन शहर के प्रमुख कला संस्थान के सहयोग से किया गया था, जिसमें देशभर के उभरते और अनुभवी कलाकार शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने विभिन्न कला रूपों, जैसे चित्रकला, फोटोग्राफी, शिल्प और रचनात्मक लेखन पर ध्यान केंद्रित किया। वहीं, सिंथन टॉप की यात्रा ने कलाकारों को प्रकृति के जीवंत रंगों, हरियाली और पहाड़ी दृश्यों से प्रेरित किया।
वर्कशॉप के आयोजकों ने बताया कि सिंथन टॉप का दौरा कलाकारों के अनुभव और संवेदनाओं को गहरा करने का एक हिस्सा था। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव रचनात्मकता को बढ़ावा देता है और कलाकारों को नई दृष्टि प्रदान करता है। कलाकारों ने वहां की शांत और सुरम्य वातावरण में समय बिताते हुए चित्रकारी, फोटोग्राफी और स्केचिंग जैसी गतिविधियों में हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में शामिल वरिष्ठ कलाकारों ने कहा कि इस तरह की वर्कशॉप और प्राकृतिक स्थलों के दौरे से कलाकारों का दृष्टिकोण व्यापक होता है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रकृति और कला का संगम रचनात्मक प्रक्रिया को और अधिक सजीव और प्रभावशाली बनाता है। उभरते कलाकारों के लिए यह दौरा विशेष रूप से उपयोगी साबित हुआ, क्योंकि उन्होंने वहां से नई प्रेरणा और तकनीकें सीखीं।
वर्कशॉप के दौरान कई कलाकारों ने स्थानीय संस्कृति और परंपराओं का भी अवलोकन किया। सिंथन टॉप के आसपास के गांवों की सांस्कृतिक और पारंपरिक कला ने प्रतिभागियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने इसे अपने कार्यों में शामिल करने की योजना बनाई।
कार्यक्रम का समापन एक सामूहिक प्रदर्शनी और चर्चा सत्र के साथ हुआ, जिसमें कलाकारों ने अपनी यात्रा और अनुभव साझा किए। आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार की वर्कशॉप और प्राकृतिक यात्राओं का आयोजन भविष्य में भी नियमित रूप से किया जाएगा, ताकि कलाकारों को नई दिशाओं में सोचने और रचनात्मक कौशल को निखारने का अवसर मिले।
स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस तरह की गतिविधियों से न केवल कला क्षेत्र को लाभ होता है, बल्कि स्थानीय पर्यटन और सांस्कृतिक जागरूकता को भी बढ़ावा मिलता है।
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