जम्मू और कश्मीर

Jammu: PLI योजना को लेकर बढ़ा मतभेद

Admindelhi1
20 March 2026 1:03 PM IST
Jammu: PLI योजना को लेकर बढ़ा मतभेद
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"बैंक कर्मचारियों में असंतोष बढ़ा"

जम्मू: बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच ने वित्त मंत्रालय के अधीन वित्तीय सेवा विभाग द्वारा 18 मार्च को जारी उस निर्देश पर कड़ी आपत्ति जताई है जिसमें सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को वरिष्ठ अधिकारियों के लिए परफॉर्मेंस लिंक्ड इंसेंटिव लागू करने को कहा गया है। यूनियन का कहना है कि यह फैसला समय से पहले और अनुचित है, क्योंकि यह मुद्दा अभी मुख्य श्रम आयुक्त केंद्रीय के समक्ष सुलह प्रक्रिया में विचाराधीन है। यूएफबीयू के अनुसार, 9 मार्च 2026 को हुई बैठक में इस विषय पर चर्चा जारी थी और इसे द्विपक्षीय वार्ता के माध्यम से सुलझाने पर सहमति बनी थी। ऐसे में महज नौ दिन बाद डीएफएस द्वारा निर्देश जारी करना सुलह प्रक्रिया की अनदेखी है और इससे औद्योगिक संबंधों की स्थापित परंपराओं को ठेस पहुंचती है।

यूनियन ने यह भी आरोप लगाया कि यह नई पीएलआई योजना मौजूदा द्विपक्षीय समझौतों के विपरीत है जिसमें सभी कर्मचारियों के लिए समान दर पर प्रोत्साहन निर्धारित होता है। नई व्यवस्था के तहत स्केल-4 और उससे ऊपर के अधिकारियों के लिए व्यक्तिगत प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन लागू किया जा रहा है जिससे कर्मचारियों के बीच असमानता बढ़ने का खतरा है। बैंक यूनियनों का संयुक्त मंच ने योजना के वित्तीय प्रभावों पर भी चिंता जताई है। जहां मौजूदा व्यवस्था में पीएलआई अधिकतम 15 दिनों के वेतन तक सीमित है, वहीं नई योजना में इसे 365 दिनों तक बढ़ाने का प्रावधान है जिससे बैंकों पर वित्तीय बोझ कई गुना बढ़ सकता है।

यूनियन का कहना है कि इस तरह की असमान और चयनित प्रोत्साहन प्रणाली कर्मचारियों के बीच विभाजन पैदा कर सकती है, जिससे टीम भावना और कार्यस्थल का माहौल प्रभावित होगा। साथ ही, इससे बैंकिंग क्षेत्र की स्थिरता और छवि पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। अंत में यूएफबीयू ने वित्तीय सेवा विभाग, भारतीय बैंक संघ और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रबंधन से अपील की है कि वे इस निर्देश को एकतरफा लागू न करें और सुलह प्रक्रिया के तहत आपसी सहमति से समाधान निकालें ताकि औद्योगिक सौहार्द और संस्थागत संतुलन बना रहे।

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