जम्मू और कश्मीर

Jammu: अदालत ने आर्टिकल 227 की शक्तियों के सीमित दायरे को दोहराया

Ratna Netam
10 May 2026 4:47 PM IST
Jammu: अदालत ने आर्टिकल 227 की शक्तियों के सीमित दायरे को दोहराया
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Jammu.जम्मू: उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक मामले में अंतरिम रोक के लिए दायर याचिका पर दखल देने से इंकार कर दिया और आर्टिकल 227 की शक्तियों के सीमित दायरे को दोहराया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि निचली अदालत के आदेश में स्वतः हस्तक्षेप करने का अधिकार केवल कुछ विशेष परिस्थितियों में ही लागू होता है।
अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आर्टिकल 227 न्यायपालिका को निचली अदालतों के फैसलों की समीक्षा करने की शक्ति देता है, लेकिन इसका दायरा व्यापक नहीं है। केवल तभी हस्तक्षेप किया जा सकता है जब निचली अदालत का आदेश स्पष्ट रूप से गैरकानूनी, अत्यधिक मनमाना या न्यायिक प्रक्रियाओं का उल्लंघन करने वाला हो।
सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता ने न्यायालय से मांग की कि निचली अदालत के आदेश पर अंतरिम रोक लगाई जाए। याचिकाकर्ता का तर्क था कि आदेश लागू होने पर उन्हें अपूरणीय नुकसान होगा। लेकिन उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता इस मामले में पर्याप्त कानूनी विकल्पों का उपयोग कर सकते हैं, जैसे कि अपील या पुनर्विचार की प्रक्रिया।
अदालत ने स्पष्ट किया कि आर्टिकल 227 के तहत हस्तक्षेप केवल तभी किया जाता है जब न्यायपालिका यह महसूस करे कि निचली अदालत के आदेश में स्पष्ट गलती, न्यायिक त्रुटि या विधिक उल्लंघन हुआ है। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि साधारण असहमति या व्यावहारिक कठिनाई को अंतरिम रोक का आधार नहीं बनाया जा सकता।
न्यायालय ने अपने फैसले में कहा, “आर्टिकल 227 की शक्तियाँ सीमित हैं और इन्हें केवल न्यायिक विवेक के लिए प्रयोग किया जा सकता है। किसी भी परिस्थिति में इसका दुरुपयोग न्यायिक प्रक्रिया की विश्वसनीयता को कमजोर कर सकता है।”
विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला उच्च न्यायालय द्वारा आर्टिकल 227 के दायरे और सीमा को स्पष्ट करने का प्रयास है। इससे न्यायपालिका और निचली अदालतों के बीच अधिकारों का संतुलन बना रहता है। इसके अलावा, यह याचिकाकर्ताओं को यह भी याद दिलाता है कि कानूनी विकल्प और अपील की प्रक्रिया मौजूद हैं और उन्हें उनका पालन करना चाहिए।
इस मामले में अदालत के इस निर्णय से यह संदेश गया कि न्यायिक हस्तक्षेप के लिए सख्त मानदंड हैं और केवल गंभीर परिस्थितियों में ही आर्टिकल 227 की शक्तियों का प्रयोग किया जाएगा।
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