जम्मू और कश्मीर

Jammu के शहरों पर ‘विचाराधीन’ स्थिति का साया, भविष्य प्रभावित

Payal
7 May 2026 5:52 PM IST
Jammu के शहरों पर ‘विचाराधीन’ स्थिति का साया, भविष्य प्रभावित
x

Jammu.जम्मू: जम्मू शहर के विकास और शहरी योजनाओं पर ‘विचाराधीन’ टैग ने चिंता की लकीर खींच दी है। शहर के प्रशासन और नागरिकों का कहना है कि यह टैग शहरी निवेश, परियोजनाओं की स्वीकृति और बुनियादी ढांचे के कामों में बाधा डाल रहा है, जिससे जम्मू के शहरी भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

शहरी विकास अधिकारियों ने बताया कि ‘विचाराधीन’ टैग के कारण नई बिल्डिंग अनुमति, पार्किंग योजनाएं, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और अन्य इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास कार्य धीमे हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि कई निवेशक और डेवलपर्स इस टैग के चलते परियोजनाओं में देरी कर रहे हैं या योजनाओं को पूरी तरह रोक रहे हैं।
नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “इस टैग के कारण शहर के कई बड़े और छोटे परियोजनाओं की मंजूरी पर सवाल उठ रहे हैं। निवेशकों का भरोसा टूट रहा है और आम नागरिकों को भी इसके प्रत्यक्ष प्रभाव का सामना करना पड़ रहा है।”
नगर निगम में शामिल कई योजनाएं, जैसे स्मार्ट पार्क, जल निकासी सुधार, सड़क चौड़ीकरण और सार्वजनिक परिवहन सुधार परियोजनाएं, फिलहाल रुकी हुई हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि ‘विचाराधीन’ टैग की स्थिति लंबे समय तक बनी रही, तो शहरी सेवाओं में कमी और नागरिकों की जीवन गुणवत्ता में गिरावट आएगी।
नगर निगम पार्षदों ने भी इस स्थिति को लेकर चिंता व्यक्त की है। पार्षदों ने कहा कि शहर में नई आवासीय और वाणिज्यिक परियोजनाओं की कमी से रोजगार के अवसर भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से आग्रह किया कि टैग की स्थिति को जल्द स्पष्ट किया जाए और शहर के विकास कार्यों को फिर से गति दी जाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि जम्मू जैसे तेजी से बढ़ते शहरी केंद्रों में निर्धारित समय में परियोजनाओं को पूरा करना और निवेश को आकर्षित करना महत्वपूर्ण है। ‘विचाराधीन’ टैग की अनिश्चित स्थिति से शहर के दीर्घकालिक विकास, निवेश आकर्षण और नागरिक सुविधाओं में सुधार की योजना बाधित हो रही है।
स्थानीय नागरिक भी इस स्थिति से परेशान हैं। कई लोग बता रहे हैं कि सड़क, पार्क, जलापूर्ति और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार की उम्मीद अब धुंधली हो गई है। शहरवासियों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं निकला, तो जम्मू के शहरी भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव बढ़ेगा।
नगर निगम के अधिकारी और शहर के विशेषज्ञ राज्य सरकार और केंद्र शासित प्रशासन से अनुरोध कर रहे हैं कि ‘विचाराधीन’ टैग की स्थिति का शीघ्र निराकरण हो और शहर के विकास कार्यों को फिर से गति दी जाए। उनका कहना है कि शहरी योजना और निवेश के लिए स्पष्ट और स्थिर नीतियों की आवश्यकता है।
Next Story