जम्मू और कश्मीर

Jammu: 3440.43 करोड़ रुपये की बाढ़ बहाली योजना पर मुख्य सचिव ने किया मंथन

Ratna Netam
24 April 2026 5:19 PM IST
Jammu: 3440.43 करोड़ रुपये की बाढ़ बहाली योजना पर मुख्य सचिव ने किया मंथन
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Jammu.जम्मू: राज्य के मुख्य सचिव ने आज बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बहाली और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए 3440.43 करोड़ रुपये की वित्तीय योजना की विस्तृत समीक्षा की। इस बैठक का उद्देश्य कार्यों की प्रगति, बजट आवंटन और प्रभावित जनता को राहत पहुँचाने की प्रक्रिया का आकलन करना था।
मुख्य सचिव ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्राथमिकता के आधार पर तेजी से पुनर्निर्माण कार्य किए जाएं। उन्होंने कहा कि योजना का सफल कार्यान्वयन न केवल बाढ़ पीड़ितों के जीवन को सामान्य करने में मदद करेगा, बल्कि भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने की क्षमता भी बढ़ाएगा।
बैठक में जल संसाधन विभाग, लोक निर्माण विभाग, नगर विकास प्राधिकरण और आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने अपनी प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। अधिकारियों ने बताया कि कई प्रभावित क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का पुनर्निर्माण और सड़क, पुल, जलाशय जैसी संरचनाओं का नवीनीकरण कार्य तेजी से चल रहा है।
मुख्य सचिव ने कहा कि योजना के तहत आवासीय और सामुदायिक संरचनाओं के पुनर्निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना की पारदर्शिता और समय पर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द राहत मिले।
बैठक में बाढ़ प्रभावित किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि पुनर्वास पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने बताया कि योजना में किसानों को कृषि उपकरण, बीज और वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, स्कूल, अस्पताल और अन्य सार्वजनिक सेवाओं को बहाल करने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि प्रभावित जनता को योजना की जानकारी नियमित रूप से दी जाए। उन्होंने कहा कि इससे लोगों में विश्वास पैदा होगा और राहत कार्यों में सहयोग बढ़ेगा। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड विजिट और नियमित निरीक्षण की प्रक्रिया को भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की योजनाओं का समय पर कार्यान्वयन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के विकास और पुनर्निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे न केवल जनता की भलाई होती है, बल्कि भविष्य में आपदाओं के प्रति बेहतर तैयारी भी सुनिश्चित होती है।
मुख्य सचिव ने बैठक के अंत में कहा कि योजना की समीक्षा और निगरानी निरंतर जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि बाढ़ बहाली कार्यों में कोई भी कमी न रहने पाए और सभी गतिविधियां निर्धारित समय पर पूरी हों।
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