जम्मू और कश्मीर

Jammu: भविष्य की पेंशन और वेतन सुधारों पर ध्यान आकर्षित

Ratna Netam
21 April 2026 6:27 PM IST
Jammu: भविष्य की पेंशन और वेतन सुधारों पर ध्यान आकर्षित
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Jammu.जम्मू: सरकारी पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों ने हाल ही में 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें उन्होंने अपनी वित्तीय सुरक्षा, पेंशन में सुधार और मुद्रास्फीति समायोजन जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर ध्यान आकर्षित किया। ज्ञापन सौंपने वाले प्रतिनिधियों में सरकारी पेंशनर्स, वरिष्ठ नागरिक संगठन और विभिन्न संघों के सदस्य शामिल थे। उन्होंने कहा कि पेंशनर्स की वृद्धावस्था भत्ता, मौजूदा पेंशन दरों में वृद्धि और जीवन स्तर सुधारने के उपाय अत्यंत आवश्यक हैं।
एक प्रतिनिधि ने कहा, "हमारे जीवन का यह महत्वपूर्ण चरण है, और इस समय आर्थिक सुरक्षा अत्यधिक महत्वपूर्ण है। 8वें वेतन आयोग को हमारी समस्याओं और मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए।" उन्होंने कहा कि वर्तमान में पेंशनरों की आय अक्सर मूलभूत आवश्यकताओं और मुद्रास्फीति के बढ़ते दबाव से मेल नहीं खाती।
ज्ञापन में कई प्रमुख मुद्दों को उठाया गया। इनमें मूल पेंशन में वृद्धि, समय पर भुगतान, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और विशेष भत्तों का समावेश शामिल है। पेंशनर्स ने यह भी आग्रह किया कि नये वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करते समय वरिष्ठ नागरिकों की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखा जाए।
समूह ने अपने ज्ञापन में यह भी स्पष्ट किया कि पेंशनर्स समाज और सरकार के लिए वर्षों तक सेवा करते रहे हैं, इसलिए उनके जीवन की गुणवत्ता को बनाए रखना और उनके अधिकारों की सुरक्षा करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन सौंपने के दौरान 8वें वेतन आयोग के चेयरमैन ने पेंशनर्स की समस्याओं को नोट किया और कहा कि उनके सुझाव और मांगों को आयोग के विचाराधीन मामलों में शामिल किया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय करके त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
इस अवसर पर पेंशनर्स ने सरकार से आग्रह किया कि वे इस मामले में शीघ्र निर्णय लें, ताकि वरिष्ठ नागरिक आर्थिक और सामाजिक दृष्टि से सुरक्षित रह सकें। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कदम सामाजिक न्याय और पेंशनर्स के प्रति सम्मान की भावना को मजबूत करेंगे।
कुल मिलाकर, यह ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम पेंशनर्स की आर्थिक सुरक्षा और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। यह पहल सरकार और प्रशासन को यह संदेश देती है कि वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और उनके जीवन की गुणवत्ता में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
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