जम्मू और कश्मीर

जम्मू-कश्मीर के गांव बनेंगे स्मार्ट तकनीक के साथ खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते

nidhi
10 Sept 2026 8:15 AM IST
जम्मू-कश्मीर के गांव बनेंगे स्मार्ट तकनीक के साथ खुलेंगे रोजगार के नए रास्ते
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रोजगार से जुड़ेंगे ग्रामीण युवा
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण इलाकों में तकनीक के जरिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर पैदा करने की बड़ी तैयारी शुरू हो गई है। केंद्र शासित प्रदेश में RuTAGe Smart Village Centres (RSVCs) स्थापित करने की योजना पर काम किया जा रहा है। इन केंद्रों का उद्देश्य विज्ञान तकनीक और इनोवेशन को गांवों तक पहुंचाने के साथ स्थानीय युवाओं को कौशल विकास उद्यमिता और आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्य सचिव अटल डुल्लू ने बुधवार को भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय के मंथन प्लेटफॉर्म से जुड़े हितधारकों के साथ बैठक की। इसमें जम्मू-कश्मीर में स्मार्ट विलेज सेंटर शुरू करने के लिए रोडमैप और संस्थागत ढांचे पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में वित्त खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति सामान्य प्रशासन शिक्षा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और ग्रामीण विकास विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
गांवों तक पहुंचेगी आधुनिक तकनीक
स्मार्ट विलेज सेंटर का मकसद केवल गांवों में नई तकनीक पहुंचाना नहीं बल्कि उसे स्थानीय जरूरतों के मुताबिक इस्तेमाल करना है। इसके जरिए ग्रामीण समुदायों को ऐसी तकनीक से जोड़ा जाएगा जो रोजगार उत्पादन और सेवाओं को बेहतर बनाने में मदद कर सके।
योजना में युवाओं के लिए कौशल विकास और उद्यमिता को विशेष प्राथमिकता दी गई है। स्थानीय स्तर पर उत्पादों की वैल्यू बढ़ाने और ग्रामीण कारोबार को बाजार से जोड़ने पर भी जोर रहेगा। मुख्य सचिव ने योजना के क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा के लिए एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित करने को कहा है। इसमें सरकारी विभागों के साथ विश्वविद्यालय तकनीकी संस्थान और जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों को शामिल किया जाएगा।
इन क्षेत्रों में खुलेंगे नए अवसर
स्मार्ट विलेज सेंटर के तहत जलविद्युत कृषि बागवानी हस्तशिल्प आतिथ्य शिक्षा बुजुर्गों की देखभाल और नशा मुक्ति जैसे क्षेत्रों में तकनीक आधारित समाधान अपनाने की संभावनाएं तलाशी जाएंगी। इसका सीधा फायदा ग्रामीण युवाओं को मिलने की उम्मीद है। नई तकनीक सीखकर युवा अपने क्षेत्र में रोजगार हासिल करने के साथ छोटे उद्यम भी शुरू कर सकेंगे। स्थानीय उत्पादों को बेहतर बनाने और उनकी मार्केटिंग में भी तकनीकी मदद मिल सकती है।
Mission YUVA से जोड़ने की तैयारी
सरकार इस पहल को Mission YUVA और जम्मू-कश्मीर ग्रामीण आजीविका मिशन (JKRLM) जैसी मौजूदा योजनाओं के साथ जोड़ना चाहती है। इससे पहले से मौजूद स्वयं सहायता समूहों युवा उद्यमियों और ग्रामीण संस्थाओं तक स्मार्ट विलेज सेंटर का फायदा तेजी से पहुंचाया जा सकेगा। Mission YUVA के तहत जम्मू-कश्मीर में युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने का अभियान पहले से चल रहा है। सितंबर 2026 तक इस मिशन के तहत आवेदन बढ़कर 1.42 लाख से अधिक हो चुके हैं और हजारों स्थानीय व्यापारियों को डिजिटल मार्केट से जोड़ा गया है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग बनेगा नोडल एजेंसी
मुख्य सचिव ने जम्मू-कश्मीर के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग को स्मार्ट विलेज सेंटर पहल के लिए नोडल एजेंसी बनाने को कहा है। विभाग प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और अन्य संबंधित संस्थाओं के साथ समन्वय करेगा। सरकार का लक्ष्य ऐसा तकनीक आधारित ग्रामीण इकोसिस्टम तैयार करना है जिसमें स्थानीय जरूरतों को आधुनिक इनोवेशन से जोड़ा जा सके। योजना प्रभावी ढंग से लागू होती है तो इससे गांवों में रोजगार स्वरोजगार उत्पादकता और सेवाओं के नए रास्ते खुल सकते हैं।
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