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जम्मू और कश्मीर
जम्मू-कश्मीर: नौगाम ब्लास्ट पीड़ितों को उपराज्यपाल ने दिए अपॉइंटमेंट
SHIDDHANT
12 Dec 2025 11:58 PM IST

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Kashmir कश्मीर: उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने 14 नवंबर को नौगाम पुलिस स्टेशन परिसर में हुए ब्लास्ट में मारे गए लोगों के परिवारों से हाल ही में मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने परिवारों से संवेदनशील ढंग से बातचीत की और उन्हें करुणा के आधार पर सरकारी अपॉइंटमेंट लेटर भी सौंपे। सूत्रों के अनुसार उपराज्यपाल ने पीड़ित परिवारों की व्यक्तिगत और भावनात्मक परेशानियों को समझते हुए उन्हें सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया को सरल और संवेदनशील बनाने का भरोसा दिलाया। इस मौके पर अधिकारियों ने भी मौजूदगी दर्ज की और परिवारों को हर संभव प्रशासनिक सहायता देने का आश्वासन दिया।
नौगाम पुलिस स्टेशन ब्लास्ट में 14 नवंबर को कई निर्दोष नागरिक मारे गए थे। उपराज्यपाल ने इस घटना को गंभीर मानते हुए कहा कि प्रशासन पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा है और उनके जीवन में राहत एवं स्थिरता लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अपॉइंटमेंट लेटर करुणा के आधार पर दिए जाने का निर्णय इस बात को दर्शाता है कि सरकार इस त्रासदी के बाद पीड़ितों की मदद के लिए ठोस कदम उठा रही है। सिन्हा ने परिवारों से संवाद में कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन हर स्तर पर उनकी समस्याओं को सुनने और हल करने के लिए तत्पर है। उन्होंने आश्वस्त किया कि नौगाम ब्लास्ट जैसी घटनाओं में मारे गए नागरिकों के परिवारों के लिए विशेष योजनाओं और राहत उपायों को लागू किया जा रहा है।
उपराज्यपाल ने इस अवसर पर कहा कि आतंकवाद और हिंसा की घटनाएं राज्य की स्थिरता और सुरक्षा के लिए चुनौती हैं। इसी वजह से सरकार ने पीड़ित परिवारों की मदद के लिए करुणा के आधार पर नियुक्तियों जैसे कदम उठाए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपॉइंटमेंट प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी या बाधा न आने पाए और परिवारों को समय पर रोजगार और सहायता मिले। इस कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। उन्होंने परिवारों के सवालों का जवाब दिया और उन्हें सुरक्षा और सामाजिक कल्याण योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उपराज्यपाल ने यह भी कहा कि नौगाम ब्लास्ट जैसे दुखद घटनाओं से सबक लिया गया है और भविष्य में सुरक्षा इंतजामों को और सुदृढ़ किया जाएगा।
इस मुलाकात का उद्देश्य केवल परिवारों को रोजगार देना ही नहीं था, बल्कि उन्हें यह संदेश देना भी था कि राज्य सरकार उनके दुख और आवश्यकताओं को गंभीरता से लेती है। करुणा आधारित अपॉइंटमेंट लेटर का वितरण इस संवेदनशील स्थिति में प्रशासन की मानवतावादी नीति को दर्शाता है।
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