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जम्मू और कश्मीर
जम्मू कश्मीर : सेना के कैंप में घुसकर किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की नाकाम कोशिश
Shiddhant Shriwas
11 Aug 2022 1:28 PM IST

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सेना के कैंप में घुसकर किसी बड़े आतंकी हमले
15 अगस्त यानी स्वतंत्रता दिवस से पहले देश की शांति में खलल डालने के लिए आतंकी समूह सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में उन्होंने गुरूवार तड़के जम्मू कश्मीर के राजौरी जिले के परगल स्थित सेना के कैंप में घुसकर किसी बड़े आतंकी हमले को अंजाम देने की नाकाम कोशिश की। इसके बाद सुरक्षाबलों की जवाबी कार्रवाई में दो आतंकी मारे गए। हालांकि, इस दौरान सेना के तीन जवान भी शहीद हो गए। इसके अलावा 5 जवान घायल भी हुए हैं।
इस हमले ने छह साल पहले हुए उरी हमले की याद ताजा कर दी। जानकारों के मुताबिक, आतंकियों की मंशा उरी जैसे हमले को अंजाम देने की थी। लेकिन हमारे बहादुर जवानों ने उनके नापाक इरादों को ध्वस्त कर दिया। तो आइए एक नजर उरी हमले पर डालते हैं और साथ में ये भी जानते हैं कि कैसे भारत ने हमले के 10 दिन के भीतर पाकिस्तान से बदला लिया था।
उरी हमले की पूरी स्टोरी
18 सितंबर 2016 को जम्मू कश्मीर के उरी कैंप में सुबह साढ़े पांच बजे पाकिस्तान पोषित कश्मीर में सक्रिय आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के चार आतंकवादियों ने सेना के ब्रिगेड मुख्यालय पर हमला कर दिया था। इस हमले में 19 जवान शहीद हो गए थे और 30 के करीब जवान जख्मी हुए थे। आतंकियों ने तीन मिनट में 17 ग्रेनेड फेंके थे। उसके बाद सेना के जवानों ने मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू की। आतंकवादियों के साथ सेना की छह घंटे तक मुठभेड़ चली, जिसमें चारों दहशतगर्द मारे गए।
भारत ने किया था सर्जिकल स्ट्राइक
इस भयानक आतंकी हमले से पूरा देश स्तब्ध हो गया था। लोगों में काफी आक्रोश साफ नजर आ रहा था। वे भारत सरकार से सख्त जवाबी कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सरकार ने चुपचाप इस हमले का जोरदार बदला लेने की योजना पर काम करना शुरू कर दिया। पाकिस्तान को सबक सिखाने की योजना बनाई गई। तय हुआ कि पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर यानी पीओके में कार्यरत पाक पोषित आतंकी ट्रेनिंग कैंपों को निशाना बनाया जाएगा।
भारतीय सेना के 25 कमांडो पूरी प्लानिंग के साथ 28-29 सितंबर की आधी रात पीओके की सीमा में तीन किलोमीटर अंदर घुसे और आतंकी ठिकानों को तहस-नहस कर डाला। इस कार्रवाई में 38 आतंकवादी और दो पाकिस्तानी सेना के जवान मारे गए थे। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के दो पैरा कमांडोज भी लैंड माइंस की चपेट में आने के कारण घायल हो गए थे। रात 12 बजे शुरू हुआ ये ऑपरेशन सुबह 4 बजे तक चला। ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने के बाद सभी भारतीय कमांडो सुरक्षित भारतीय सीमा में प्रवेश करने में सफल रहे। इस ऑपरेशन पर दिल्ली से पूरी नजर रखी जा रही थी। पीएम मोदी पल – पल की अपडेट ले रहे थे।
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