जम्मू और कश्मीर

Jammu: शैक्षणिक और पोषण परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने का उद्देश्य

Ratna Netam
21 April 2026 5:55 PM IST
Jammu: शैक्षणिक और पोषण परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाने का उद्देश्य
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Jammu.जम्मू: जम्मू विश्वविद्यालय (जेयू) ने आज मिशन निदेशालय पोषण, जम्मू-कश्मीर के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते का उद्देश्य शैक्षणिक, प्रशिक्षण और पोषण परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाना और स्थानीय समुदाय के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारना है।
समझौता ज्ञापन के अंतर्गत जेयू और मिशन निदेशालय पोषण शोध, प्रशिक्षण, जागरूकता अभियान और पोषण आधारित परियोजनाओं में सहयोग करेंगे। इससे छात्रों और शोधकर्ताओं को व्यावहारिक अनुभव और सामुदायिक सहभागिता का अवसर मिलेगा।
जेयू के कुलपति ने इस अवसर पर कहा, "यह समझौता ज्ञापन शैक्षणिक संस्थान और सरकारी निकाय के बीच सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण है। हमारा उद्देश्य केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय समुदाय की जीवन गुणवत्ता में सुधार लाना भी है।" उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय छात्रों को पोषण और स्वास्थ्य के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के अवसर प्रदान करेगा।
मिशन निदेशालय पोषण के निदेशक ने कहा, "जम्मू-कश्मीर में पोषण स्तर सुधारने के लिए शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी आवश्यक है। जेयू के साथ यह समझौता स्थानीय और क्षेत्रीय कार्यक्रमों की प्रभावशीलता बढ़ाने में सहायक होगा।" उन्होंने बताया कि इस सहयोग के तहत कार्यशालाएं, प्रशिक्षण कार्यक्रम और जागरूकता अभियान आयोजित किए जाएंगे।
समझौता ज्ञापन के तहत जेयू के अकादमिक विभाग, शोध केंद्र और छात्र संगठन मिशन निदेशालय पोषण के साथ मिलकर काम करेंगे। इसका लक्ष्य है कुपोषण, स्वास्थ्य जागरूकता और पोषण से संबंधित नीतियों पर डेटा आधारित शोध करना।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के सहयोग से सामुदायिक स्वास्थ्य पहल और छात्रों के व्यावहारिक अनुभव में वृद्धि होगी। यह समझौता ज्ञापन जम्मू-कश्मीर में पोषण सुधार और शिक्षा को जोड़ने का एक आदर्श मॉडल प्रस्तुत करता है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय और निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। दोनों पक्षों ने यह सुनिश्चित किया कि समझौता ज्ञापन के तहत सभी परियोजनाओं में पारदर्शिता, प्रभावशीलता और लाभार्थियों की भागीदारी को प्राथमिकता दी जाएगी।
कुल मिलाकर, जेयू और मिशन निदेशालय पोषण के बीच यह समझौता ज्ञापन शैक्षणिक सहयोग, प्रशिक्षण और सामाजिक कल्याण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान मिलेगा, बल्कि जम्मू-कश्मीर में पोषण और स्वास्थ्य सुधार की दिशा में ठोस पहल भी होगी।
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