जम्मू और कश्मीर

Jammu: अनंतनाग में रेलवे के माध्यम से 60 टन वर्मीकम्पोस्ट पहुंचा

Ratna Netam
20 April 2026 4:03 PM IST
Jammu: अनंतनाग में रेलवे के माध्यम से 60 टन वर्मीकम्पोस्ट पहुंचा
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Jammu.जम्मू: रेलवे विभाग ने कृषि क्षेत्र को समर्थन देने के लिए अनंतनाग जिले में 60 टन वर्मीकम्पोस्ट की खेप भेजी है। यह कदम स्थानीय किसानों को जैविक खेती और उत्पादन बढ़ाने में मदद करेगा। वर्मीकम्पोस्ट का वितरण किसानों को उनके खेतों में मिट्टी की उर्वरता और पैदावार बढ़ाने के लिए किया जाएगा।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि वर्मीकम्पोस्ट की यह खेप विशेष ट्रेन और मालवाहन के माध्यम से भेजी गई। यह पहल कृषि क्षेत्र को सस्टेनेबल और पर्यावरण अनुकूल खेती के लिए प्रोत्साहित करने का हिस्सा है। अनंतनाग जिले के कृषि अधिकारियों ने भी इस योजना का स्वागत किया और कहा कि इससे किसानों को सुगम और किफायती उर्वरक उपलब्ध होंगे।
खेप में भेजे गए वर्मीकम्पोस्ट का उपयोग सब्जियों, फसलों और बागवानी क्षेत्रों में किया जाएगा। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि वर्मीकम्पोस्ट मिट्टी की नमी बनाए रखने, पौधों को आवश्यक पोषक तत्व देने और रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि किसानों तक सस्ते और प्रभावी जैविक उर्वरक पहुंचें। अनंतनाग में वर्मीकम्पोस्ट की यह खेप किसानों की फसल उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी। रेलवे हमेशा सामाजिक और ग्रामीण विकास योजनाओं में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है।”
अनंतनाग के कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि खेप जिले के विभिन्न कृषि केंद्रों और किसानों के संघों तक वितरित की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे वर्मीकम्पोस्ट का सही तरीके से उपयोग करें ताकि मिट्टी की उर्वरता और पैदावार दोनों में सुधार हो।
स्थानीय किसान इस पहल से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा कि इससे कृषि लागत में कमी और जैविक खेती की दिशा में प्रगति संभव होगी। इससे किसानों की आय बढ़ाने और पर्यावरण की सुरक्षा करने में भी मदद मिलेगी।
इस योजना के तहत, रेलवे ने अन्य जिलों में भी कृषि उत्पाद और जैविक उर्वरक भेजने की योजना बनाई है। अधिकारी उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले समय में यह पहल किसानों के बीच जैविक खेती के महत्व को बढ़ावा देगी और प्रदेश में खेती के टिकाऊ मॉडल को मजबूत करेगी।
इस प्रकार, अनंतनाग में रेलवे द्वारा भेजी गई 60 टन वर्मीकम्पोस्ट की खेप कृषि विकास, किसानों की आर्थिक स्थिति और पर्यावरण संरक्षण के लिए एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
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