जम्मू और कश्मीर

कश्मीर में सेब सीजन का असर, ट्रैफिक जाम से परेशान लोग

nidhi
8 Oct 2026 8:30 AM IST
कश्मीर में सेब सीजन का असर, ट्रैफिक जाम से परेशान लोग
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पीक आवर्स में ट्रकों पर रोक की मांग
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के दक्षिण कश्मीर स्थित शोपियां जिले में सेब की तुड़ाई का सीजन चरम पर पहुंचने के साथ ही यातायात की समस्या गंभीर होती जा रही है। जिले के विभिन्न गांवों और बागानों से सेब लेकर निकलने वाले सैकड़ों ट्रक रोजाना शोपियां शहर से होकर गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण प्रमुख सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है। इसका सबसे ज्यादा असर नौकरीपेशा लोगों, व्यापारियों और रोजाना यात्रा करने वाले नागरिकों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से व्यस्त समय में भारी वाहनों की आवाजाही नियंत्रित करने की मांग की है। शोपियां कश्मीर घाटी के प्रमुख सेब उत्पादक जिलों में शामिल है। यहां बड़ी संख्या में किसान और कारोबारी सेब के उत्पादन तथा व्यापार से जुड़े हुए हैं। फसल की तुड़ाई तेज होने के कारण गांवों से फल मंडियों तक सेब पहुंचाने वाले ट्रकों की संख्या भी बढ़ गई है।
फल लेकर आने वाले अधिकांश ट्रक शोपियां की फ्रूट मंडी और अगलर मंडी की ओर जाते हैं। ट्रकों की लगातार आवाजाही से शहर की सड़कों पर वाहनों की कतारें लग रही हैं। विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। स्थानीय निवासी जावेद अहमद ने बताया कि शिरमाल और रंगकदल पुल के आसपास यातायात की समस्या अधिक गंभीर है। इन रास्तों से अगलर मंडी की ओर जाने वाले भारी वाहनों की संख्या ज्यादा रहती है। जावेद के मुताबिक, सेब सीजन शुरू होने के बाद जाम रोजमर्रा की परेशानी बन गया है। उन्होंने बताया कि ट्रैफिक जाम के कारण उन्हें काम पर पहुंचने में देरी होती है। शाम को घर लौटते समय भी लंबे समय तक सड़क पर फंसे रहना पड़ता है। अन्य स्थानीय लोगों ने भी इसी तरह की परेशानियां बताई हैं।
ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सेब लेकर आने वाले ट्रकों के लिए अलग समय निर्धारित किया जाए। कुछ लोगों ने सुझाव दिया है कि भारी वाहनों को शाम 6 बजे के बाद शहर में प्रवेश की अनुमति दी जाए, जब सामान्य यातायात का दबाव कम होने लगता है। सामाजिक कार्यकर्ता मीठा गट्टू ने कहा कि सेब उद्योग क्षेत्र की अर्थव्यवस्था की जीवनरेखा है। हजारों किसानों और व्यापारियों की आजीविका इससे जुड़ी हुई है। इसलिए फलों की ढुलाई में किसी भी तरह की रुकावट से आर्थिक नुकसान हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सेब के ट्रकों की निर्बाध आवाजाही के कारण आम नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए। व्यस्त समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर नियंत्रण लगाकर समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उनका सुझाव है कि प्रशासन ट्रकों की आवाजाही के लिए निर्धारित समय और वैकल्पिक मार्ग तय करे। इससे किसानों की फसल समय पर मंडियों तक पहुंच सकेगी और सामान्य यातायात भी प्रभावित नहीं होगा। शोपियां में यातायात जाम की समस्या पहले से बनी हुई है। संकरी सड़कें, वाहनों की बढ़ती संख्या और अव्यवस्थित पार्किंग भी इसके प्रमुख कारण बताए जाते रहे हैं। सेब सीजन में भारी वाहनों की संख्या बढ़ने से यह परेशानी और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आने वाले सप्ताहों में सेब की ढुलाई जारी रहेगी। ऐसे में प्रशासन को जल्द प्रभावी यातायात प्रबंधन योजना लागू करनी चाहिए, ताकि किसानों के कारोबार के साथ आम नागरिकों की आवाजाही भी सुचारू बनी रहे।
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