जम्मू और कश्मीर

पुराने आतंकी ठिकाने से आईईडी बरामद, नियंत्रित विस्फोट से किया नष्ट

nidhi
17 Oct 2026 7:13 AM IST
पुराने आतंकी ठिकाने से आईईडी बरामद, नियंत्रित विस्फोट से किया नष्ट
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सेना-पुलिस के अभियान में विस्फोटक बरामद
राजौरी: जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में आतंकवाद विरोधी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने एक पुराने आतंकी ठिकाने का पता लगाया है। कंडी क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में स्थित थुंगवाली इलाके में तलाशी के दौरान एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस यानी आईईडी बरामद हुआ। शुक्रवार, 16 अक्टूबर की शाम मिले इस विस्फोटक को बाद में नियंत्रित विस्फोट के माध्यम से नष्ट कर दिया गया। अभियान में भारतीय सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस
की संयुक्त टीमें शामिल थीं। खुफिया एजेंसियों ने भी कार्रवाई में सहायता प्रदान की। अंतिम जानकारी मिलने तक इलाके में तलाशी जारी थी।
संयुक्त अभियान में सामने आया ठिकाना
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षाबलों ने थुंगवाली इलाके में आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत संदिग्ध स्थानों की तलाशी शुरू की थी। इसी दौरान पुराने आतंकी ठिकाने का पता चला। वहां जांच करने पर विस्फोटक उपकरण मिला। बरामदगी के बाद सुरक्षा संबंधी सावधानियां बरती गईं और आईईडी को नष्ट करने की कार्रवाई की गई। उपलब्ध जानकारी में ठिकाने को पुराना बताया गया है। हालांकि, इसका इस्तेमाल आखिरी बार कब हुआ और विस्फोटक वहां कितने समय से मौजूद था, इस बारे में कोई निश्चित विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
नियंत्रित विस्फोट से हटाया खतरा
आईईडी मिलने के बाद सुरक्षाबलों ने संबंधित क्षेत्र को सुरक्षित किया। इसके बाद निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया के अनुसार नियंत्रित विस्फोट कर उपकरण नष्ट किया गया। कार्रवाई के दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। समय रहते विस्फोटक का पता चलने से उससे उत्पन्न संभावित खतरे को दूर किया जा सका। हालांकि, आईईडी के वजन, उसमें मौजूद विस्फोटक की मात्रा और उसकी तकनीकी स्थिति का विवरण सामने नहीं आया है। किसी विशेष व्यक्ति या स्थान को निशाना बनाने की योजना की भी पुष्टि नहीं हुई है।
आसपास के क्षेत्रों की भी जांच
पुराना ठिकाना मिलने के बाद अभियान को आसपास के क्षेत्रों में जारी रखा गया। सुरक्षाबल अन्य संभावित ठिकानों और संदिग्ध सामग्री की तलाश कर रहे हैं। इसका उद्देश्य यह देखना है कि क्षेत्र में कोई अतिरिक्त विस्फोटक या दूसरी खतरनाक वस्तु तो मौजूद नहीं है। फिलहाल इस कार्रवाई के संबंध में किसी गिरफ्तारी या आतंकियों से मुठभेड़ की जानकारी सामने नहीं आई है। बरामदगी से जुड़े आगे के निष्कर्ष विस्तृत जांच और अधिकारियों की जानकारी के बाद स्पष्ट होंगे। अभी पुष्टि एक आईईडी मिलने और उसे नष्ट किए जाने की है।
पुंछ में भी हाल में मिला था संदिग्ध ठिकाना
क्षेत्रीय सुरक्षा घटनाक्रम की बात करें तो पड़ोसी पुंछ जिले में भी हाल में हथियार बरामद हुए थे। मंगलवार को सुरनकोट क्षेत्र के सथरबन जंगलों में सेना और पुलिस के संयुक्त अभियान के दौरान एक संदिग्ध आतंकी ठिकाने का पता चला था। वहां से एके-47 राइफल, 30 कारतूस और छह हैंड ग्रेनेड मिलने की जानकारी दी गई थी। साथ में टॉर्च, बैटरी, चिकित्सा सामग्री और खाने-पीने का सामान भी मिला था। उस अभियान में मौके से किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हुई थी। यह राजौरी की ताजा कार्रवाई से अलग घटना है।
चार स्थानों पर चलाए गए तलाशी अभियान
शुक्रवार को पुंछ जिले में भी सुरक्षा मजबूत करने के लिए चार स्थानों पर तलाशी अभियान चलाए गए। इनमें मेंढर उपमंडल का गुरसाई-हरूनी-बैधर क्षेत्र, धरना गांव, कश्मीर मोहल्ला और बेहरी के जंगलों से जुड़े क्षेत्र शामिल थे। मनकोट की टीम ने मंगलानू-चिल्ला के वन क्षेत्रों में भी अभियान चलाया। अधिकारियों ने इन कार्रवाइयों का उद्देश्य संभावित आतंकी आवाजाही की जांच और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना बताया था। इन अभियानों और राजौरी में मिले आईईडी के बीच किसी सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बरामदगी के बाद जांच पर नजर
थुंगवाली में मिला विस्फोटक नष्ट कर दिया गया है, लेकिन पुराने ठिकाने से जुड़ी परिस्थितियों की जानकारी अभी सीमित है। इसलिए इसे किसी घोषित बड़े हमले की योजना या किसी खास आतंकी संगठन से जोड़ने का आधार उपलब्ध नहीं है। आगे की जांच में ठिकाने के इस्तेमाल, वहां सामग्री पहुंचने और संभावित गतिविधियों से जुड़े तथ्य स्पष्ट हो सकते हैं। फिलहाल सेना, पुलिस और खुफिया एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई में पुराने ठिकाने का पता चलना और आईईडी का सुरक्षित निस्तारण प्रमुख पुष्टि किए गए तथ्य हैं। आसपास के क्षेत्रों की तलाशी अंतिम रिपोर्ट तक जारी थी।
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