जम्मू और कश्मीर

राज्य के मैदानों की सुरक्षा पर High Court ने लगाई कड़ी चेतावनी

Ratna Netam
9 May 2026 6:27 PM IST
राज्य के मैदानों की सुरक्षा पर High Court ने लगाई कड़ी चेतावनी
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Jammu.जम्मू: हाईकोर्ट ने हाल ही में कहा है कि जब सुरक्षा से जुड़ी खास और संवेदनशील जानकारी मौजूद हो, तो राज्य के मैदानों की सुरक्षा को अस्पष्ट या लापरवाह नहीं माना जा सकता। अदालत ने इस दिशा में स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी प्रकार की अनिश्चितता या असंगति गंभीर परिणाम ला सकती है।
हाईकोर्ट की यह टिप्पणी राज्य के सुरक्षा ढांचे और सार्वजनिक स्थलों की सुरक्षा पर उठाए गए सवालों के बाद आई है। मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने यह रुख अपनाया कि जब सुरक्षा एजेंसियों के पास किसी भी तरह की संभावित खतरे की जानकारी होती है, तो उस पर तुरंत और प्रभावी कार्रवाई करना आवश्यक है।
अदालत ने कहा कि केवल प्रतिक्रियाशील दृष्टिकोण अपनाना पर्याप्त नहीं है। सुरक्षा के लिए पूर्वनियोजित और स्पष्ट कदम उठाना राज्य की जिम्मेदारी है। कोर्ट ने विशेष रूप से उन घटनाओं का हवाला दिया, जहां पहले से मौजूद जानकारी के बावजूद पर्याप्त सुरक्षा उपाय नहीं किए गए।
सुनवाई में हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में स्पष्टता न होना जनता के लिए जोखिम पैदा कर सकता है और प्रशासन की जिम्मेदारी पर सवाल उठा सकता है। अदालत ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को सख्त निर्देश दिए कि वे सुरक्षा मामलों में पारदर्शिता और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करें।
विशेषज्ञों का कहना है कि हाईकोर्ट के इस आदेश का मतलब है कि राज्य के मैदान, सार्वजनिक कार्यक्रम और भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र हमेशा संवेदनशील माने जाएं और उन्हें किसी भी प्रकार की सुरक्षा खामी से बचाया जाए। अदालत ने कहा कि सुरक्षा की अस्पष्टता न केवल कानूनी दृष्टि से गंभीर है, बल्कि इससे जनता का विश्वास और सुरक्षा ढांचे की प्रभावशीलता भी प्रभावित होती है।
राज्य सरकार ने अदालत के निर्देश का स्वागत करते हुए कहा कि वह सभी सुरक्षा एजेंसियों के समन्वय और सतर्कता को बढ़ाएगी। इसके अलावा, सुरक्षा योजनाओं का नियमित ऑडिट और जोखिम मूल्यांकन किया जाएगा ताकि किसी भी तरह की चूक से बचा जा सके।
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