जम्मू और कश्मीर

डेंगू को लेकर डोडा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Ratna Netam
24 Sept 2026 6:47 PM IST
डेंगू को लेकर डोडा में स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
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डोडा। जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में डेंगू के मामलों को लेकर स्वास्थ्य विभाग सतर्क हो गया है। अब तक सरकारी मेडिकल कॉलेज (GMC) डोडा में डेंगू के करीब सात मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य अधिकारी जिले में स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए आवश्यक बचाव के उपाय किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से भी सतर्क रहने और अपने घरों तथा आसपास पानी जमा नहीं होने देने की अपील की है।डोडा के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि डेंगू के मामलों में किसी भी संभावित बढ़ोतरी से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। GMC डोडा में मरीजों के लिए पर्याप्त संख्या में बेड उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर मरीजों को अलग रखने के लिए आइसोलेशन की व्यवस्था भी की गई है।डॉ. शर्मा ने कहा कि जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में डेंगू की स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और मरीजों के इलाज से लेकर बीमारी की रोकथाम तक सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।
GMC डोडा में सात मामले
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, GMC डोडा में अब तक डेंगू के लगभग सात मामले सामने आए हैं। हालांकि विभाग का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने की तैयारी की गई है।अस्पताल में डेंगू के संदिग्ध और पुष्टि वाले मरीजों के इलाज के लिए आवश्यक चिकित्सा सुविधाओं को तैयार रखा गया है। मरीजों की स्थिति के अनुसार उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से घबराने के बजाय सावधानी बरतने और डेंगू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने को कहा है।
पानी जमा नहीं होने देने की अपील
CMO डॉ. विनोद शर्मा ने डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अपने घर और आसपास सफाई रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि डेंगू के मामले आम तौर पर उन क्षेत्रों में अधिक सामने आते हैं, जहां पानी जमा रहता है और मौसम गर्म तथा उमस भरा होता है।उन्होंने लोगों से अपील की कि घरों के आसपास ऐसी किसी भी जगह पर पानी जमा न होने दें जहां मच्छर पनप सकते हैं। यदि कहीं पानी जमा हो गया है तो उसे निकालकर उस स्थान को अच्छी तरह सुखाया जाए।घरों में इस्तेमाल होने वाली पानी की टंकियों, कूलर, गमलों, बाल्टियों और अन्य बर्तनों पर भी ध्यान देना जरूरी है। लंबे समय तक जमा साफ पानी भी मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल जगह बन सकता है। इसलिए नियमित अंतराल पर इनकी सफाई और पानी बदलना जरूरी है।
डेंगू से बचाव में सावधानी अहम
डेंगू एक वायरल संक्रमण है जो संक्रमित एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, शरीर और जोड़ों में दर्द, मतली तथा त्वचा पर चकत्ते शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में बीमारी गंभीर रूप भी ले सकती है।डेंगू से बचाव के लिए मच्छरों के प्रजनन वाले स्थानों को खत्म करना सबसे महत्वपूर्ण उपायों में शामिल है। घरों और आसपास पानी जमा न होने देना, पानी के बर्तनों को ढककर रखना और मच्छरों के काटने से बचने के उपाय अपनाना संक्रमण के जोखिम को कम करने में मदद कर सकता है।
जिले में लगातार निगरानी
डोडा स्वास्थ्य विभाग ने कहा है कि पूरे जिले में स्थिति की निगरानी की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारी डेंगू के मामलों की जानकारी जुटाने के साथ प्रभावित क्षेत्रों पर भी नजर रख रहे हैं।स्वास्थ्य विभाग का फोकस बीमारी के मामलों की जल्द पहचान करने और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर है। इसके अलावा लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक करना भी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।CMO ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग किसी भी संभावित स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। अस्पताल में आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं और जरूरत पड़ने पर उनका विस्तार किया जा सकता है।
गर्म और उमस भरे मौसम में बढ़ता है जोखिम
डॉ. शर्मा ने बताया कि गर्म और उमस भरा मौसम तथा पानी का जमाव डेंगू फैलाने वाले मच्छरों के प्रजनन के लिए अनुकूल परिस्थितियां पैदा कर सकता है। इसी वजह से ऐसे मौसम में लोगों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है।बरसात के बाद कई स्थानों पर छोटे-छोटे गड्ढों, खुले बर्तनों, टायरों, छतों और कूलर में पानी जमा रह सकता है। यदि इसे समय पर साफ नहीं किया जाए तो मच्छरों के प्रजनन का खतरा बढ़ सकता है।स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सलाह दी है कि वे अपने घर के साथ आसपास के इलाके की भी नियमित जांच करें। जहां भी पानी जमा दिखाई दे, उसे तुरंत हटाया जाए।
लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से संपर्क करें
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों को सलाह दी है कि बुखार या डेंगू से जुड़े अन्य लक्षण सामने आने पर खुद से दवा लेने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लें। समय पर जांच और उपचार से मरीज की स्थिति की सही निगरानी की जा सकती है।डेंगू के मरीजों में पर्याप्त तरल पदार्थ लेना और चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचार करना महत्वपूर्ण होता है। गंभीर लक्षण दिखाई देने पर अस्पताल में चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
स्वास्थ्य विभाग ने कहा पूरी तैयारी
डोडा में सामने आए लगभग सात मामलों के बाद फिलहाल स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है। CMO डॉ. विनोद शर्मा ने कहा कि GMC डोडा में पर्याप्त बेड और आइसोलेशन सुविधाएं मौजूद हैं और किसी भी संभावित बढ़ोतरी से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि डेंगू से बचाव में प्रशासनिक तैयारियों के साथ लोगों की भागीदारी भी महत्वपूर्ण है। घरों और आसपास पानी जमा नहीं होने देना तथा साफ-सफाई बनाए रखना संक्रमण की रोकथाम में अहम भूमिका निभा सकता है।डोडा में स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने के साथ अनावश्यक रूप से घबराने से बचने को कहा है। विभाग लगातार स्थिति की निगरानी कर रहा है और जरूरत के अनुसार बचाव तथा उपचार से जुड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
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