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जम्मू और कश्मीर
आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या पर सरकार सख्त, सभी जिलों तक पहुंचेगी मुहिम
nidhi
2 Oct 2026 9:22 AM IST

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1.53 लाख कुत्तों पर फोकस
श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने बड़े स्तर पर योजना तैयार की है। प्रदेश में आवारा कुत्तों की अनुमानित संख्या करीब 1.53 लाख है। अब तक अभियान मुख्य रूप से जम्मू और श्रीनगर जैसे बड़े शहरों पर केंद्रित था, लेकिन अब इसे सभी जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
एनीमल बर्थ कंट्रोल यानी ABC कार्यक्रम के तहत अब तक 68,346 आवारा कुत्तों की नसबंदी की जा चुकी है। इसके साथ ही 80,725 कुत्तों का टीकाकरण भी पूरा किया गया है। सरकार का लक्ष्य नसबंदी और टीकाकरण के जरिए आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना और रेबीज जैसी बीमारियों का खतरा कम करना है।
अगले चरण में जम्मू-कश्मीर में 20 नए ABC केंद्र स्थापित करने की योजना है। इनमें से 13 जिलों में केंद्रों के लिए जमीन की पहचान भी की जा चुकी है। वर्तमान में भगवती नगर, रूपनगर, एसपीसीए चौआदी, तेंगपोरा और सुहामा में केंद्र संचालित हैं, जबकि चट्टरहामा में एक अन्य केंद्र निर्माणाधीन है। जम्मू में दिसंबर 2014 से आवारा कुत्तों की नसबंदी का कार्यक्रम चलाया जा रहा है। अप्रैल 2021 से अब तक यहां 34 हजार से ज्यादा सर्जरी की जा चुकी हैं। प्रशासन के अनुसार जम्मू में नसबंदी का स्तर करीब 80 प्रतिशत तक पहुंच चुका है।
अब सरकार ग्रामीण क्षेत्रों पर ज्यादा ध्यान देने जा रही है। एसपीसीए चौआदी को ग्रामीण जम्मू के लिए प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ ही मोबाइल टीमें ब्लॉक और गांव स्तर तक पहुंचकर नसबंदी और टीकाकरण करेंगी। श्रीनगर में भी अभियान को तेज किया जा रहा है। तेंगपोरा ABC केंद्र में बड़ी संख्या में सर्जरी की गई हैं। यहां व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है और वार्ड स्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। सरकार की योजना केवल नसबंदी तक सीमित नहीं है। इसके लिए मोबाइल ऐप और डिजिटल पोर्टल के जरिए निगरानी की व्यवस्था भी की जा रही है। पशु चिकित्सक, पैरावेटरिनरी कर्मचारी और प्रशिक्षित डॉग-कैचर की टीमें भी तैयार की जा रही हैं।
जिन इलाकों में स्थायी ABC केंद्र उपलब्ध नहीं होंगे, वहां मोबाइल यूनिट भेजी जाएगी। प्रस्तावित मोबाइल यूनिट में ऑपरेशन थिएटर और कुत्तों को रखने के लिए केनेल की सुविधा होगी। इससे दूरदराज और ग्रामीण क्षेत्रों में भी नसबंदी अभियान चलाया जा सकेगा। आवारा कुत्तों को नियंत्रित तरीके से भोजन उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश में 502 फीडिंग स्पॉट भी चिन्हित किए गए हैं। इसका उद्देश्य स्कूलों, खेल मैदानों और सार्वजनिक प्रवेश द्वारों जैसे संवेदनशील स्थानों पर कुत्तों की भीड़ को कम करना है।
सरकार ने स्कूल, अस्पताल, बस अड्डे और रेलवे स्टेशन समेत 45,881 सार्वजनिक संस्थानों को भी निगरानी के दायरे में लिया है। इनमें अब तक 15,901 संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। इन जगहों पर आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किए जा रहे हैं। इस तरह जम्मू-कश्मीर में आवारा कुत्तों के प्रबंधन को नसबंदी, टीकाकरण, मोबाइल टीम, नए ABC केंद्र, डिजिटल निगरानी और फीडिंग स्पॉट जैसी व्यवस्थाओं से जोड़कर व्यापक रूप देने की तैयारी है। आने वाले चरण में इस अभियान का सबसे ज्यादा फोकस उन जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों पर रहेगा जहां अभी तक ऐसी सुविधाएं सीमित थीं।
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