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जम्मू: बारिश के कारण बदहाल हो चुकी सुंजवां मुख्य सड़क को दुरुस्त करने के लिए आखिरकार स्थानीय लोगों को ही आगे आना पड़ा। प्रशासन की लगातार अनदेखी से परेशान होकर लोगों ने अपनी जेब से पैसे जुटाए और जेसीबी मशीन बुलाकर सड़क की मरम्मत करवाई। स्थानीय लोगों की इस पहल के बाद सड़क पर जमा मलबे को हटाकर मार्ग को कुछ हद तक समतल किया जा सका, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को राहत मिली।
सुंजवां क्षेत्र की मुख्य सड़क पिछले कुछ समय से बारिश के कारण खराब स्थिति में पहुंच गई थी। लगातार बारिश के चलते सड़क पर पानी भरने लगा और कई जगहों पर मिट्टी व मलबा जमा हो गया। हालात ऐसे हो गए कि सड़क धीरे-धीरे नाले का रूप लेने लगी थी। इससे स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों, दोपहिया वाहन चालकों और रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
स्थानीय निवासियों के अनुसार, उन्होंने कई बार संबंधित विभागों और प्रशासनिक अधिकारियों को सड़क की खराब स्थिति से अवगत कराया, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। बारिश के दौरान सड़क की हालत और खराब होती गई और लोगों के लिए आवागमन मुश्किल हो गया।
जब लंबे समय तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो स्थानीय लोगों ने स्वयं समस्या का समाधान करने का निर्णय लिया। उन्होंने आपस में पैसे एकत्र किए और जेसीबी मशीन की व्यवस्था की। इसके बाद सड़क पर जमा मलबे को हटाने और गड्ढों को भरने का काम शुरू कराया गया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि कई बार वाहन फंस जाते थे। बारिश के पानी के कारण जगह-जगह कीचड़ जमा हो गया था और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया था। मजबूरी में लोगों को खुद आगे आकर यह कदम उठाना पड़ा।
जेसीबी की मदद से सड़क पर पड़े मलबे को हटाया गया और खराब हिस्सों पर मिट्टी व अन्य सामग्री डालकर रास्ते को समतल किया गया। स्थानीय लोगों की इस पहल से फिलहाल सड़क पर आवाजाही कुछ आसान हो गई है, हालांकि उनका कहना है कि यह स्थायी समाधान नहीं है।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क की स्थायी मरम्मत कराई जाए और जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि केवल अस्थायी रूप से मलबा डालने से समस्या पूरी तरह खत्म नहीं होगी। बारिश के दौरान फिर से सड़क खराब होने की आशंका बनी रहेगी।
स्थानीय निवासियों ने कहा कि क्षेत्र की मुख्य सड़क होने के कारण यहां से बड़ी संख्या में लोग गुजरते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से सड़क की हालत पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि जनहित को देखते हुए जल्द से जल्द सड़क का निर्माण और नालियों की सफाई कराई जाए।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया था। खासकर रात के समय और बारिश के दौरान वाहन चालकों को काफी सावधानी बरतनी पड़ती थी। गड्ढों और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन चालकों के गिरने की घटनाएं भी सामने आती रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क व्यवस्था के लिए नियमित रखरखाव और जल निकासी प्रणाली का मजबूत होना जरूरी है। बारिश के मौसम में यदि समय रहते नालियों और सड़कों की देखरेख की जाए तो ऐसी समस्याओं से बचा जा सकता है।
स्थानीय लोगों की पहल ने एक बार फिर यह दिखाया है कि जब प्रशासनिक व्यवस्था में देरी होती है तो आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आगे आते हैं। हालांकि, लोगों का कहना है कि सरकारी विभागों की जिम्मेदारी है कि उन्हें इस तरह की परिस्थितियों में खुद खर्च करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
फिलहाल सुंजवां मुख्य सड़क पर स्थानीय लोगों के प्रयास से अस्थायी राहत मिली है। अब लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सड़क की स्थायी मरम्मत और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए जल्द कदम उठाएगा।
कुल मिलाकर, सुंजवां सड़क की स्थिति ने प्रशासनिक लापरवाही और स्थानीय लोगों की परेशानी को उजागर किया है। लोगों द्वारा खुद पैसे जुटाकर सड़क ठीक करवाना जहां उनकी मजबूरी को दिखाता है, वहीं यह प्रशासन के लिए भी व्यवस्था सुधारने का संकेत है।





