जम्मू और कश्मीर

Kali Janani में निशुल्क कृत्रिम अंग शिविर, 465वां समारोह संपन्न

Ratna Netam
4 May 2026 3:41 PM IST
Kali Janani में निशुल्क कृत्रिम अंग शिविर, 465वां समारोह संपन्न
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Jammu.जम्मू: काली जननी अस्पताल में हाल ही में 465वां मुफ्त कृत्रिम अंग शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद और दिव्यांग व्यक्तियों को निशुल्क कृत्रिम अंग प्रदान करना है, ताकि वे अपने जीवन को स्वतंत्र और सक्रिय रूप से जी सकें। यह शिविर अस्पताल की दीर्घकालीन स्वास्थ्य सेवा पहल का हिस्सा है, जो समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए निरंतर आयोजित किया जाता रहा है।
शिविर में विशेषज्ञ डॉक्टरों और तकनीकी टीम ने प्रतिभागियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया और उनके अनुसार आवश्यक कृत्रिम अंग उपलब्ध कराए। इसके अलावा, प्रतिभागियों को कृत्रिम अंगों के इस्तेमाल और रखरखाव के बारे में प्रशिक्षण और मार्गदर्शन भी दिया गया। अस्पताल प्रशासन ने कहा कि शिविर में विशेष रूप से बुजुर्ग, बच्चे और कम आय वाले परिवारों के लोग लाभान्वित हुए।
अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि यह शिविर केवल अंग प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक रूप से सक्रिय और आत्मनिर्भर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि पिछले कई वर्षों से आयोजित यह पहल लोगों की जिंदगी में सुधार ला रही है और उन्हें आत्मविश्वास के साथ जीवन जीने में मदद कर रही है।
प्रतिभागियों ने इस अवसर पर खुशी और संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मुफ्त कृत्रिम अंग मिलने से उनकी दैनिक गतिविधियों में सुधार होगा और वे समाज में अपनी भागीदारी बढ़ा सकेंगे। कई प्रतिभागियों ने अस्पताल और चिकित्सा टीम की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
विशेषज्ञों ने बताया कि ऐसे शिविर समाज में स्वास्थ्य और समावेशिता को बढ़ावा देते हैं। इससे केवल चिकित्सा लाभ नहीं मिलता, बल्कि दिव्यांग व्यक्तियों की मानसिक और सामाजिक स्थिति में भी सुधार आता है। तकनीकी टीम ने यह सुनिश्चित किया कि सभी कृत्रिम अंग उच्च गुणवत्ता वाले हों और प्रतिभागियों की आवश्यकताओं के अनुसार फिट हों।
काली जननी अस्पताल की ओर से बताया गया कि आने वाले समय में और भी मुफ्त कृत्रिम अंग शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोग इसका लाभ उठा सकें। इस पहल को स्वास्थ्य और समाज सेवा के क्षेत्र में एक मिसाल माना जा रहा है।
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