जम्मू और कश्मीर

Jammu- Kashmir में अमरनाथ यात्रियों की चार बसें टकराईं, कई घायल

Tara Tandi
5 July 2025 12:52 PM IST
Jammu- Kashmir में अमरनाथ यात्रियों की चार बसें टकराईं, कई घायल
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Ramban रामबन: जम्मू-कश्मीर के रामबन जिले में अमरनाथ यात्रा के दौरान एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार, पहलगाम की ओर जा रहे तीर्थयात्रियों के काफिले की आखिरी बस का ब्रेक फेल हो गया, जिससे वह नियंत्रण खो बैठी और चंदरकोट लंगर स्थल पर खड़ी तीन अन्य बसों से जा टकराई। इस टक्कर से कुल चार बसें क्षतिग्रस्त हो गईं और 36 यात्री घायल हो गए।
घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया
आपको बता दें कि हादसे के बाद जिला प्रशासन की टीम मौके पर पहले से मौजूद थी, जिसने तुरंत घायलों को जिला अस्पताल रामबन (DHH Ramban) में भर्ती करवाया। राहत की बात यह रही कि सभी घायलों को मामूली चोटें आईं और कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ। सभी यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने के बाद उन्हें दूसरी बसों में स्थानांतरित कर आगे की यात्रा के लिए रवाना कर दिया गया।
डिप्टी कमिश्नर ने दी जानकारी
वहीं इस पूरे मामले पर रामबन के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद अलयास खान ने इस दुर्घटना की पुष्टि की। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जानकारी देते हुए बताया कि ब्रेक फेल होने के कारण बस फंसे हुए वाहनों से टकरा गई, जिससे यह हादसा हुआ। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन की सतर्कता और त्वरित प्रतिक्रिया से हालात को काबू में किया गया और घायलों की तुरंत देखभाल की गई।
अमरनाथ यात्रा का चौथा जत्था रवाना
इस दुर्घटना के बीच अमरनाथ यात्रा भी सुचारु रूप से जारी है। 6,979 श्रद्धालुओं का चौथा जत्था अमरनाथ गुफा की ओर रवाना हो चुका है। इसमें
-5,196 पुरुष
-1,427 महिलाएं
-24 बच्चे
-331 साधु-साध्वियां
-1 ट्रांसजेंडर शामिल हैं।
ये सभी यात्री भगवती नगर आधार शिविर, जम्मू से दो अलग-अलग मार्गों पर रवाना हुए।
दो अलग-अलग रास्तों से जारी है यात्रा
तीर्थयात्री दो मुख्य मार्गों से अमरनाथ गुफा तक पहुँचते हैं।
-पहलगाम मार्ग (48 किलोमीटर लंबा) – इस रास्ते से 4,226 यात्री 161 वाहनों में सवार होकर नुनवान आधार शिविर की ओर गए।
-बालटाल मार्ग (14 किलोमीटर लंबा, लेकिन अधिक ढलान वाला) – इस मार्ग से 2,753 यात्री 151 वाहनों के जरिए रवाना हुए।
3 जुलाई से शुरू हुई यात्रा…
इस साल की अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को औपचारिक रूप से शुरू हुई है और यह यात्रा 9 अगस्त 2025 (रक्षाबंधन के दिन) को समाप्त होगी। प्रशासन ने सुरक्षा, चिकित्सा और परिवहन के पुख्ता इंतज़ाम किए हैं, हालांकि मौसम और सड़क दुर्घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
प्रशासन की सजगता से टला बड़ा हादसा
रामबन में हुआ यह हादसा एक बार फिर से यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा करता है, लेकिन राहत की बात यह रही कि कोई जान-माल की बड़ी हानि नहीं हुई। जिला प्रशासन की तत्परता और योजना के चलते सभी घायलों को समय पर इलाज मिल सका। अमरनाथ यात्रा श्रद्धालुओं के लिए एक भावनात्मक अनुभव होता है, और प्रशासन इसे सुरक्षित और सुगम बनाने में लगातार प्रयासरत है।
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