जम्मू और कश्मीर

FCIK ने NCSS पर रिपोर्ट प्रधानमंत्री के पास भेजने की घोषणा की

Ratna Netam
4 May 2026 2:52 PM IST
FCIK ने NCSS पर रिपोर्ट प्रधानमंत्री के पास भेजने की घोषणा की
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Jammu.जम्मू: फ्रंटियर काउंसिल ऑफ इंडिया काउंसिल (FCIK) ने घोषणा की है कि वह नेशनल साइबर सिक्योरिटी स्ट्रेटेजी (NCSS) के संदर्भ में प्रधानमंत्री को व्हाइट पेपर सौंपेगा। इस पहल का उद्देश्य राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा नीतियों की समीक्षा करना, उनकी प्रभावशीलता का मूल्यांकन करना और संभावित सुधारों के लिए सुझाव देना है।
FCIK के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने बताया कि व्हाइट पेपर में जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में साइबर सुरक्षा के मौजूदा ढांचे, जोखिम और चुनौतियों का व्यापक विश्लेषण किया गया है। इस दस्तावेज़ में न केवल साइबर हमलों के मामलों और उनके प्रभावों का अध्ययन किया गया है, बल्कि सुरक्षा उपायों और नीतियों के सुधार के लिए ठोस सिफारिशें भी दी गई हैं।
प्रतिनिधियों ने कहा कि “हमारा उद्देश्य प्रधानमंत्री को ऐसे सुझाव देना है जो देश की साइबर सुरक्षा को और मजबूत बनाएं और डिजिटल क्षेत्र में किसी भी खतरे से निपटने की तैयारी सुनिश्चित करें।” उन्होंने यह भी बताया कि व्हाइट पेपर में तकनीकी, प्रशासनिक और कानूनी दृष्टिकोण से उपायों को शामिल किया गया है।
FCIK ने इस पहल को जम्मू-कश्मीर के डिजिटल सुरक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि यह दस्तावेज़ केवल नीति निर्माताओं के लिए नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा क्षेत्र में काम करने वाले संस्थानों और अधिकारियों के लिए भी मार्गदर्शन का काम करेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री को व्हाइट पेपर सौंपे जाने के बाद इसे राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति के संशोधन और सुधार में शामिल किया जा सकता है। इससे जम्मू-कश्मीर और पूरे देश में साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
विशेषज्ञों ने FCIK की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा में साइबर सुरक्षा का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। डिजिटल हमलों के बढ़ते खतरे के बीच, ऐसी पहलें नीतियों को मजबूत करने और तकनीकी उपायों को अपनाने में मददगार साबित होंगी।
FCIK ने कहा कि व्हाइट पेपर में जम्मू-कश्मीर में डिजिटल और साइबर इंफ्रास्ट्रक्चर की समीक्षा भी शामिल है, ताकि राज्य के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स और नागरिक सेवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह दस्तावेज़ नीति निर्माताओं को आगामी चुनौतियों और सुधारों के लिए स्पष्ट मार्गदर्शन प्रदान करेगा।
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