जम्मू और कश्मीर

कश्मीर घाटी में पहली बार पहुंची एफसीआई की अनाज मालगाड़ी, सीएम अब्दुल्ला ने उत्तरी रेलवे को दी बधाई

SHIDDHANT
21 Dec 2025 10:25 PM IST
कश्मीर घाटी में पहली बार पहुंची एफसीआई की अनाज मालगाड़ी, सीएम अब्दुल्ला ने उत्तरी रेलवे को दी बधाई
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Srinagar श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल हुई है। पहली बार फूड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एफसीआई) की अनाज से लदी मालगाड़ी कश्मीर घाटी पहुंची। जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसके लिए रविवार को उत्तरी रेलवे को बधाई दी। यह रैक अनंतनाग गुड्स शेड पर उतारा गया, जिसमें 21 वैगनों में बफर स्टॉक और पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (पीडीएस) के लिए करीब 1,384 टन चावल लदा हुआ था। इस उपलब्धि पर जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करके उत्तरी रेलवे के जम्मू डिवीजन को बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कदम घाटी के लिए सामान की तेज डिलीवरी सुनिश्चित करेगा। इससे नेशनल हाईवे-44 पर ट्रैफिक का दबाव कम होगा और अनाज की सप्लाई चेन मजबूत बनेगी। सर्दियों में एनएच-44 पर बर्फबारी और लैंडस्लाइड से अक्सर सप्लाई बाधित होती रही है, लेकिन अब रेल मार्ग से अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति संभव हो सकेगी। यह कश्मीर को मुख्य भूमि से जोड़ने वाली रेल लाइन का पूर्ण उपयोग है, जो उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) प्रोजेक्ट का हिस्सा है।
अनंतनाग गुड्स शेड हाल ही में चालू किया गया है, जो घाटी में माल ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। इससे पहले सीमेंट, नमक और अन्य सामग्री की फ्रेट ट्रेनें पहुंच चुकी हैं, लेकिन एफसीआई का अनाज रैक पहली बार आया है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि पंजाब से रवाना हुई यह ट्रेन सुरक्षित अनंतनाग पहुंची और अनलोडिंग शुरू हो गई। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा, क्योंकि सस्ती और तेज ढुलाई से कीमतें नियंत्रित रहेंगी।
बता दें कि पंजाब के फिरोजपुर डिवीजन के अजीतवाल रेलवे स्टेशन से भेजी गई यह ट्रेन 21 ढके हुए वैगनों में लगभग 1,384 टन खाद्यान्न ले जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि इस कदम से निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी, खासकर कश्मीर के दूर-दराज और दुर्गम इलाकों में। कश्मीर घाटी में ट्रेन सेवा के आने से न केवल जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर यात्रियों और सामान का दबाव कम हुआ है, बल्कि रेल लिंक ने बारिश और खराब मौसम के कारण कश्मीर घाटी में यात्रियों और सामान की आवाजाही की अनिश्चितता को भी खत्म कर दिया है।
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